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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:49 · नई दिल्ली संस्करण

पंजाब: करोड़ों रुपए के बैंक धोखाधड़ी मामले में आरोपी को तीन साल की सजा

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
पंजाब: करोड़ों रुपए के बैंक धोखाधड़ी मामले में आरोपी को तीन साल की सजा

मोहाली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने करोड़ों रुपए के बैंक धोखाधड़ी मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए पंजाब के मंडी गोबिंदगढ़ स्थित जीडी इस्पात उद्योग के साझेदार समीर दुआ को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने आरोपी को तीन साल की सजा सुनाई।

सीबीआई की ओर से शुक्रवार को जारी प्रेस नोट में बताया गया कि मोहाली स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने 4 जून को समीर दुआ को तीन वर्ष के कठोर कारावास और 15 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।

सीबीआई के अनुसार, इस मामले में समीर दुआ, दिलीप दुआ और अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय ओवरसीज बैंक (आईओबी), मंडी गोबिंदगढ़ शाखा के साथ धोखाधड़ी करने और आपराधिक साजिश रचने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था।

जांच में यह सामने आया है कि आरोपियों ने झूठी और फर्जी जानकारियां प्रस्तुत कर बैंक से 4 करोड़ रुपए की कैश क्रेडिट लिमिट हासिल की थी। इस धोखाधड़ी के कारण बैंक को भारी वित्तीय नुकसान हुआ।

जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर समीर दुआ को दोषी पाया और सजा सुनाई। सीबीआई ने बताया कि सह-आरोपी दिलीप दुआ के निधन के कारण उनके खिलाफ चल रही कानूनी कार्यवाही समाप्त कर दी गई थी।

इससे पहले, 1 जून को सीबीआई ने बैंक धोखाधड़ी मामले में आरकॉम ग्रुप के वरिष्ठ अधिकारी को गिरफ्तार किया था। जानकारी के अनुसार, सीबीआई ने रिलायंस कम्युनिकेशन ग्रुप (आरकॉम) के एक शीर्ष अधिकारी अमिताभ झुनझुनवाला को गिरफ्तार किया था। वे आरकॉम के ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर थे और कॉर्पोरेट फाइनेंस, बैंकिंग, फंड के इस्तेमाल जैसे महत्वपूर्ण कार्यों का प्रबंधन देखते थे।

अमिताभ झुनझुनवाला पर आरोप है कि लोन फंड के गलत इस्तेमाल के कारण बैंकों को भारी नुकसान हुआ। विभिन्न बैंकों से लोन दिलाने में उनकी अहम भूमिका थी।

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