पुलिस स्मृति दिवस पर अमित शाह का तोहफा - अब हर जवान बनेगा 'कर्मवीर'
पुलिस स्मृति दिवस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। 1959 में हॉट स्प्रिंग्स में शहीद 10 जवानों समेत सभी शहीदों को नमन किया गया। इसी मंच से उन्होंने पुलिस कल्याण के लिए 'प्रोजेक्ट कर्मवीर' की शुरुआत की, जिसमें मानसिक स्वास्थ्य, बच्चों की शिक्षा और शहीद परिवारों के लिए सिंगल विंडो सुविधा होगी। साथ ही नशे के खिलाफ 90 राइडर्स की बाइक रैली को भी हरी झंडी दिखाई।

नई दिल्ली। पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर आज देशभर में शहीद पुलिसकर्मियों को याद किया गया। मुख्य कार्यक्रम राष्ट्रीय पुलिस स्मारक, चाणक्यपुरी, नई दिल्ली में आयोजित हुआ, जहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी और पुष्प चक्र अर्पित किया। इसी मंच से उन्होंने पुलिस कल्याण और सशक्तिकरण के लिए 'प्रोजेक्ट कर्मवीर' की शुरुआत की। कार्यक्रम की शुरुआत में सीएपीएफ और दिल्ली पुलिस की संयुक्त परेड हुई। गृह मंत्री ने हॉट स्प्रिंग्स, लद्दाख में 21 अक्टूबर 1959 को चीनी सैनिकों के हमले में शहीद हुए 10 जवानों समेत आजादी से अब तक कर्तव्य पथ पर जान देने वाले सभी 36 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों को नमन किया।
उन्होंने कहा, "सरकार की सभी सेवाओं में सबसे कठिन सेवा पुलिस की सेवा है। जब देश त्योहार मनाता है, तब हमारा पुलिसकर्मी सड़क पर खड़ा होकर हमारी सुरक्षा करता है।" गृह मंत्रालय के अनुसार प्रोजेक्ट कर्मवीर पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के समग्र कल्याण के लिए शुरू किया गया एक मिशन मोड प्रोग्राम है। इसके तीन मुख्य स्तंभ हैं - मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस: ड्यूटी के तनाव को कम करने के लिए हर बटालियन स्तर पर काउंसलिंग, योग और स्ट्रेस मैनेजमेंट सेशन। कौशल और शिक्षा: जवानों के बच्चों के लिए स्कॉलरशिप, कोचिंग सहायता और सेवानिवृत्ति के बाद पुनर्वास के लिए स्किल डेवलपमेंट। डिजिटल सुरक्षा कवच: शहीद परिवारों के लिए एक सिंगल विंडो पोर्टल, जहां पेंशन, मेडिकल और अन्य सुविधाएं समय पर मिल सकें।
अमित शाह ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में पुलिस की भूमिका निर्णायक रही है और जल्द ही देश इस अभिशाप से पूरी तरह मुक्त होगा। इसका श्रेय बहादुर पुलिसकर्मियों को जाता है। इस अवसर पर गृह मंत्री ने 'नशे के खिलाफ लड़ाई' थीम पर आधारित राष्ट्रव्यापी मोटरसाइकिल रैली को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस रैली में जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल, उत्तराखंड, यूपी, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के साथ-साथ CRPF, BSF, CISF, ITBP, SSB, NSG, RPF, NDRF और NIA के करीब 90 राइडर्स शामिल हैं। यह रैली देश के अलग-अलग हिस्सों से होते हुए 31 अक्टूबर को गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) में समाप्त होगी, जहां सभी राइडर्स सरदार पटेल जयंती पर आयोजित एकता परेड में हिस्सा लेंगे।
22 से 30 अक्टूबर तक राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर शहीद परिवारों का सम्मान, पुलिस बैंड प्रदर्शन, रन फॉर मार्टियर्स, रक्तदान शिविर और बच्चों के लिए निबंध-चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। देशभर के पुलिस बलों में भी इसी तरह के कार्यक्रम होंगे। गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2018 में इसी दिन राष्ट्रीय पुलिस स्मारक को देश को समर्पित किया था, जो आज शौर्य और बलिदान का प्रतीक बन गया है।
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