मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:35 · नई दिल्ली संस्करण

UCC पर एनडीए में घमासान: अमित शाह के ऐलान के बाद जेडीयू ने मांगी मुलाकात, बिना चर्चा के लागू न करने की मांग

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा 2029 से पहले एनडीए-शासित राज्यों में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की घोषणा के बाद गठबंधन के भीतर राजनीतिक हलचल बढ़ गई है।

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन36 बार पढ़ा गया
UCC पर एनडीए में घमासान: अमित शाह के ऐलान के बाद जेडीयू ने मांगी मुलाकात, बिना चर्चा के लागू न करने की मांग

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा 2029 से पहले एनडीए-शासित राज्यों में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की घोषणा के बाद गठबंधन के भीतर राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। जेडीयू ने इस कदम पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए बिना किसी व्यापक चर्चा या आम सहमति के यूसीसी को जल्दबाजी में लागू न करने की मांग की है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा 2029 से पहले देश के सभी 21 एनडीए-शासित राज्यों में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने के ऐलान के बाद राष्ट्रीय जनता दल (एनडीए) के भीतर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस बयान के सामने आने के बाद जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने अपनी असहमति और चिंता जाहिर करते हुए केंद्रीय नेतृत्व के सामने अपनी बात रखने की तैयारी शुरू कर दी है। राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा है कि जेडीयू बिना किसी व्यापक चर्चा और आम सहमति के इस कानून को जल्दबाजी में थोपे जाने के पक्ष में नहीं है।

जेडीयू नेताओं का तर्क है कि भारत जैसे विविधतापूर्ण और बहुसांस्कृतिक देश में किसी भी बड़े और संवेदनशील नीतिगत बदलाव से पहले गठबंधन के सभी सहयोगी दलों के साथ पारदर्शी संवाद होना बेहद जरूरी है। पार्टी का रुख रहा है कि ऐसे मुद्दों पर समाज के विभिन्न वर्गों और क्षेत्रीय भावनाओं का पूरा ख्याल रखा जाना चाहिए। इस बीच, राजनीतिक सूत्रों के हवाले से यह खबर भी सामने आ रही है कि जेडीयू के शीर्ष नेता इस पूरे मामले पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर स्थिति स्पष्ट करने और अपनी पार्टी के वैचारिक रुख से अवगत कराने के लिए समय मांग सकते हैं।

दूसरी ओर, एनडीए के भीतर ही अन्य सहयोगी दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं, जिससे यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गया है। विपक्षी दल इस स्थिति का फायदा उठाते हुए एनडीए के भीतर मतभेदों को लेकर लगातार सवाल खड़े कर रहे हैं। बहरहाल, आगामी दिनों में जेडीयू और केंद्रीय नेतृत्व के बीच होने वाली संभावित बातचीत और मुलाकातों पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं, जिससे यह तय होगा कि एनडीए गठबंधन इस संवेदनशील विधायी मुद्दे पर क्या मध्यम मार्ग निकालता है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें