यूसीसी पर एनडीए के सहयोगी दलों ने बढ़ाई भाजपा की चिंता, टीडीपी, जेडीयू और चिराग पासवान ने रखी अपनी बात

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में 2029 तक 21 भाजपा-एनडीए शासित राज्यों में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने का लक्ष्य रखा है। हालांकि, उनके इस बयान के तुरंत बाद ही सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के कुछ प्रमुख सहयोगी दलों ने इस मुद्दे पर सावधानी भरा रुख अपना लिया है, जिससे भाजपा की राह थोड़ी मुश्किल होती दिख रही है। तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी), जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने यूसीसी को लेकर अपने-अपने विचार रखे हैं, जो गठबंधन के भीतर बढ़ती सुगबुगाहट को दर्शाते हैं।
संसद में बहुमत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली तेलुगु देशम पार्टी ने यूसीसी पर सशर्त समर्थन का संकेत दिया है। लोकसभा में टीडीपी के नेता लावु कृष्ण देवरायालु ने कहा कि जब इसकी जरूरत महसूस होगी, तब इस पर विचार किया जाएगा और इसे अपनाने से पहले विभिन्न हितधारकों को चर्चा में शामिल किया जाएगा। यह भी गौरतलब है कि 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले टीडीपी प्रमुख और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने यूसीसी की बात आने पर मुस्लिम समुदाय के साथ खड़े होने की बात कही थी, जो उनके वर्तमान रुख में सावधानी का संकेत देता है।
बिहार में नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड ने अपना रुख साफ करते हुए कहा है कि पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर यूसीसी विधेयक का समर्थन करती है, लेकिन इसे बिहार में लागू करने के पक्ष में नहीं है। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर इस मुद्दे पर चर्चा करने की बात कही है। नीतीश कुमार अतीत में यूसीसी का समर्थन कर चुके हैं, लेकिन उनका जोर इस बात पर रहा है कि सभी समुदायों को साथ लेकर आम सहमति बनाई जानी चाहिए।
भाजपा के एक अन्य सहयोगी और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता चिराग पासवान ने भी यूसीसी पर सावधानी भरा रुख अपनाया। उन्होंने संविधान में विभिन्न समुदायों की परंपराओं और प्रथाओं को मान्यता दिए जाने का हवाला देते हुए विविधता के महत्व पर जोर दिया। पासवान ने कहा कि यूसीसी का प्रस्ताव सार्वजनिक किया जाना चाहिए और संबंधित हितधारकों से व्यापक चर्चा व विचार-विमर्श के बाद ही पार्टी अपना रुख स्पष्ट करेगी। उन्होंने अनुसूचित जनजातियों को मिली छूट का भी विशेष रूप से उल्लेख किया। हालांकि, कुछ सहयोगी दल यूसीसी के प्रति अपना पूर्ण समर्थन दोहरा चुके हैं।
एकनाथ शिंदे की शिवसेना और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) ने यूसीसी को लेकर अपना समर्थन व्यक्त किया। शिवसेना नेता श्रीकांत शिंदे ने यूसीसी को समानता, न्याय और राष्ट्रीय एकता के सिद्धांतों पर आधारित बताया, जबकि हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन ने अमित शाह के यूसीसी संबंधी बयान का पूरे समर्थन के साथ स्वागत किया।





