सूरक्षा में तैनात पुलिस कर्मचारी इन दिनों अपनी सूरक्षा को लेकर है चिंतित
धनबाद । दूसरे की सूरक्षा में तैनात पुलिस कर्मचारी इन दिनों अपनी सूरक्षा को लेकर है चिंतित, जर्जर भवन कभी भी हो सकता है ,जानलेवा साबित। महुदा के भाटडीह ओपी के पुलिस कर्मी दहशत के साये में इन दिनों रहने को मजबूर है। कारण की जिस आवास में अभी ओपी है और जिस आवास में पुलिस कर्मचारी रह रहे है वो आवास काफी जर्जर अवस्था में है कभी भी ध्वस्त हो सकता है। एक कमरे के अंदर बैडरूम से लेकर किचन तक किस प्रकार रहने को विवश है पुलिसकर्मी देखिये इस रिपोर्ट में। धनबाद जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर भाटडीह ओपी। यहां थाना प्रभारी समेत दो ए.एस.आई. के अलावा छ : सिपाही है। कुल नौ बल तैनात है। इस पुलिस आउट पोस्ट में रहने को मकान तो है मगर कब छत झड़ जाए बताना मुश्किल है।
बात करते है शौचालय की तो यहां कभी दरवाजे थे भी ये देखने से प्रतीत नही होता है। वहीं अगर कमरों में दरवाजे है भी तो दीमक उनको खा रही है। गस्ती करने के लिए एक मोटरसाइकिल मिला है उसी से काम चलाना है। इस ओपी के जिम्मे पांच पंचायत के अंतर्गत आनेवाले कई गांव है जो घने जंगलों के बीच से रात दिन गस्ती करना है। ओपी प्रभारी हेमन राम का कहना है कि हमलोग रात दिन ड्यूटी करते है लेकिन चैन से सो नही पाते हैं , क्योंकि कब ये छत गिर जाए कोई नही जानता है। हमने अपने वरीय अधिकारी को इसके बारे में लिख कर भी दिया हूं , सरकार से भी अनुरोध है कि इस ओपी के बारे ध्यान दे। जिस हालात में हमारे पुलिस के जवान रह रहे है ये वाकई चिंता का विषय है। जो दूसरे की सुरक्षा में लगे रहते है, आखिर इनकी व्यवस्था में कौन सुधार लाएगा? अब देखना होगा कि सरकार की नज़रे इनायत कब इन पुलिस कर्मचारियों पर होती है।





