PM मोदी ने Asian Games के 100+ मेडल वीरों को किया सम्मान, कहा - ये अमृत काल की...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एशियन गेम्स में 100+ मेडल जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों का सम्मान किया। दिल्ली में आयोजित समारोह में पीएम ने कहा, यह नए भारत के सामर्थ्य और 140 करोड़ भारतीयों के संकल्प का प्रमाण है। पीएम ने कहा, छोटे गांवों से निकलकर आपने देश का नाम रोशन किया। सरकार TOPS और Khelo India से हर खिलाड़ी को मदद दे रही है। खिलाड़ियों ने पीएम से अपने अनुभव साझा किए। पीएम ने सभी को ओलंपिक 2028 के लिए शुभकामनाएं दीं।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एशियन गेम्स में पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा कि देश के खिलाड़ियों ने असाधारण प्रदर्शन कर पूरे देश को गौरवान्वित किया है। पीएम मोदी ने मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में आयोजित विशेष सम्मान समारोह में एथलीटों से मुलाकात की और उनके अनुभव सुने। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बार एशियन गेम्स में भारत ने इतिहास रच दिया है। पहली बार भारत ने 100 से ज्यादा मेडल जीतकर नया रिकॉर्ड बनाया है। यह सिर्फ मेडल नहीं है, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के संकल्प और नए भारत के सामर्थ्य का प्रमाण है।
पीएम मोदी ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा, "आप में से कई खिलाड़ी ऐसे हैं जो छोटे-छोटे गांवों, कस्बों से आते हैं, सीमित संसाधनों में ट्रेनिंग करते हैं, फिर भी आपने देश के लिए मेडल जीता। आपने हर चुनौती को चुनौती दी।" उन्होंने कहा कि आज भारत खेल के मैदान में दुनिया की महाशक्ति बनने की ओर बढ़ रहा है। सरकार खिलाड़ियों के लिए टॉप्स, खेलो इंडिया जैसी योजनाओं के माध्यम से हर स्तर पर मदद कर रही है ताकि कोई भी प्रतिभा संसाधनों के अभाव में पीछे न रह जाए। इस दौरान गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा, शरत कमल, पारुल चौधरी समेत कई एथलीटों ने पीएम मोदी के साथ अपने अनुभव साझा किए। पीएम ने हर खिलाड़ी से व्यक्तिगत रूप से बात की और उनकी ट्रेनिंग, चोट और भविष्य की तैयारी के बारे में पूछा।
नीरज चोपड़ा ने कहा कि पीएम मोदी से मिलकर हमेशा मोटिवेशन मिलता है। वहीं महिला क्रिकेट टीम की कप्तान ने कहा कि पहली बार एशियन गेम्स में क्रिकेट को शामिल किया गया और गोल्ड जीतना हमारे लिए ऐतिहासिक क्षण था। पीएम मोदी ने कहा कि ये सभी मेडल विजेता अमृत काल के युवा हीरो हैं। आप युवाओं के लिए रोल मॉडल हैं। जब आप पोडियम पर तिरंगा लहराते हैं तो पूरे देश का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार 2036 में ओलंपिक की मेजबानी के लिए भी पूरी ताकत से काम कर रही है। हमारा लक्ष्य है कि भारत खेलों का ग्लोबल हब बने।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 10 साल पहले तक भारत में खेलों को लेकर जो सोच थी, वो बदल चुकी है। आज माता-पिता भी अपने बच्चों को खेलों में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। खेलो इंडिया अभियान ने गांव-गांव से प्रतिभाओं को खोजने का काम किया है। अंत में पीएम मोदी ने सभी खिलाड़ियों को आगामी ओलंपिक 2028 के लिए शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह तो अभी शुरुआत है, भारत को अभी बहुत आगे जाना है। समारोह में खेल मंत्री अनुराग ठाकुर और भारतीय ओलंपिक संघ के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।




