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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:30 · नई दिल्ली संस्करण

सड़क, रेलवे, अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर देश की ‘भाग्य रेखाएं’ होती हैंः मोदी

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
सड़क, रेलवे, अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर देश की ‘भाग्य रेखाएं’ होती हैंः मोदी

-प्रधानमंत्री ने दिल्ली–देहरादून आर्थिक गलियारे का उद्घाटन कियादेहरादून। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को बहुप्रतीक्षित दिल्ली–देहरादून आर्थिक गलियारे का उद्घाटन करते हुए कहा कि सड़क, रेलवे और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर देश की ‘भाग्य रेखाएं’ होती हैं और बीते एक दशक में भारत इनका व्यापक निर्माण कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना उत्तराखंड के विकास को नई गति देने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के कई शहरों के लिए भी लाभकारी साबित होगी।प्रधानमंत्री ने देहरादून में उद्घघाटन समारोह में कहा कि उत्तराखंड अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर 26वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है और इस अवसर पर दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन राज्य की प्रगति में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने अपने पूर्व कथन को दोहराते हुए कहा कि यह दशक उत्तराखंड का दशक होगा और ‘डबल इंजन’ सरकार की नीतियों तथा राज्य के लोगों के परिश्रम से यह संभव होता दिख रहा है।उन्होंने कहा कि यह आर्थिक गलियारा उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद, बागपत, बड़ौत, शामली और सहारनपुर जैसे शहरों से होकर गुजरता है, जिससे इन क्षेत्रों को भी व्यापक लाभ मिलेगा। पर्यटन के दृष्टिकोण से इसे अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, मसूरी और चारधाम यात्रा को नई गति मिलेगी।प्रधानमंत्री ने इंफ्रास्ट्रक्चर को राष्ट्र के भविष्य से जोड़ते हुए कहा कि जैसे लोग हाथ की रेखाओं से भविष्य देखते हैं, वैसे ही किसी राष्ट्र की भाग्य रेखाएं उसकी सड़कें, हाई-वे, रेलवे, एयरवेज और वाटरवेज होती हैं। उन्होंने कहा कि ये केवल वर्तमान की सुविधाएं नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की समृद्धि की गारंटी हैं।उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 तक देश में इंफ्रास्ट्रक्चर पर सालाना खर्च 2 लाख करोड़ रुपये से कम था, जो अब बढ़कर 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। उत्तराखंड में ही सवा दो लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर काम जारी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले जहां गांवों में सड़कों के लिए पीढ़ियों तक इंतजार करना पड़ता था, वहीं अब सड़कें गांव-गांव तक पहुंच रही हैं और पलायन से खाली हुए गांव फिर से आबाद हो रहे हैं।दिल्ली–देहरादून आर्थिक गलियारे के लाभ गिनाते हुए उन्होंने कहा कि इससे यात्रा समय छह घंटे से घटकर लगभग ढाई घंटे रह जाएगा। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि ईंधन की खपत कम होगी और परिवहन लागत भी घटेगी। करीब 12,000 करोड़ रुपये की लागत से बने इस प्रोजेक्ट ने हजारों लोगों को रोजगार भी प्रदान किया है और किसानों की उपज तेजी से बाजारों तक पहुंच सकेगी।प्रधानमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर देते हुए कहा कि देवभूमि की पवित्रता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने पर्यटकों और श्रद्धालुओं से अपील की कि वे प्राकृतिक स्थलों को स्वच्छ रखें और प्लास्टिक तथा कचरे से इन क्षेत्रों को प्रदूषित न करें।उन्होंने कहा कि अगले वर्ष हरिद्वार में कुंभ का आयोजन होना है, जिसे दिव्य, भव्य और स्वच्छ बनाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा।

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