मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:38 · नई दिल्ली संस्करण

लकड़ी तस्करी रोकने पर प्लांटेशन वाचर को धमकी, SOG प्रभारी पर पिस्टल तानने का आरोप

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
लकड़ी तस्करी रोकने पर प्लांटेशन वाचर को धमकी, SOG प्रभारी पर पिस्टल तानने का आरोप

हल्द्वानी। तराई केंद्रीय वन प्रभाग में एक बार फिर वन विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। लकड़ी तस्करी रोकने का प्रयास करने वाले एक प्लांटेशन वाचर ने अपने ही विभाग के एसओजी प्रभारी पर तस्करों को संरक्षण देने और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।बाजपुर क्षेत्र के ग्राम महोली जंगल का बताया जा रहा है। पकड़िया चौकी में तैनात प्लांटेशन वाचर ज्ञान सिंह का आरोप है कि ड्यूटी के बाद घर लौटते समय उसने चौकी से कुछ ही दूरी पर लकड़ी की तस्करी होते देखी। विरोध करने पर तस्करों ने उसके साथ मारपीट की। आरोप है कि इसके बाद मौके पर पहुंचे तराई केंद्रीय वन प्रभाग रुद्रपुर के एसओजी प्रभारी कैलाश चंद्र तिवारी ने खैर, सागौन सहित कीमती लकड़ी से भरे डंपर को निकलवा दिया।ज्ञान सिंह का कहना है कि दोबारा विरोध करने पर एसओजी प्रभारी ने उसके साथ मारपीट की और रिवॉल्वर सिर पर रखकर चुप रहने की धमकी दी। साथ ही झूठे मुकदमे में जेल भेजने की बात भी कही गई। वहीं एसओजी प्रभारी कैलाश चंद्र तिवारी ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है।उनका कहना है कि उन्हें सूचना मिली थी कि ज्ञान सिंह नशे की हालत में हंगामा कर रहा है और महिला वनकर्मियों से अभद्रता कर रहा है, जिस पर वह मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया।इस मामले पर मुख्य वन संरक्षक (पश्चिमी वृत) साकेत बड़ोला ने कहा कि आरोप गंभीर हैं और पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है। दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।घटना ने वन विभाग के भीतर संभावित मिलीभगत और तस्करों को मिल रहे संरक्षण को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें