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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · शाम 5:54 · नई दिल्ली संस्करण

जिंदा को मुर्दा बताकर रोक दिया गया पेंशन, जिंदा साबित करने के लिए 3 साल से लगा रहा है चक्कर

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

मेदिनीनगर : जिंदा को मुर्दा बताकर 3 साल से पेंशन रोकने का मामला प्रकाश में आया है। पलामू जिले के तरहसी प्रखंड के उदयपुरा टू गांव के नरेश सिंह को लगभग 3 वर्षों से पेंशन मिलना अचानक बंद हो गया है। पहले नरेश सिंह को पेंशन मिलता था। अचानक 3 साल से पेंशन नहीं मिल रहा है। नरेश सिंह जब पेंशन बंद होने के बारे में जानकारी लेने प्रखंड कार्यालय और जिला मुख्यालय पहुंचे तो उन्हें जो सूचना मिला यह सुनकर वे हैरान रह गए। नरेश सिंह को बताया गया कि उन्हें मृत घोषित कर पेंशन सूची से नाम काट दिया गया है। हालांकि मृत बताने वाले अधिकारी उन्हें कोई प्रमाण नहीं दिया। पिछले 3 साल से नरेश सिंह खुद को जीवित साबित करने और पेंशन सूची में नाम जुड़वाने के लिए प्रखंड व जिला मुख्यालय का चक्कर लगाते लगाते थक चुके हैं। लेकिन इन्हें सुनने वाला कोई नहीं है। थक हारकर नरेश सिंह पांकी विधायक डॉ शशिभूषण मेहता से गुहार लगाया है। नरेश सिंह ने बताया कि जब सरकार 600 पेंशन राशि देती थी, उस समय से उन्हें पेंशन मिलता था। जब से पेंशन की राशि एक हजार हुई तब से उन्हें पेंशन बंद हो गया। उसने बताया कि पेंशन सूची में दोबारा से नाम जुड़वाने के लिए पिछले कई वर्षों से प्रखंड और जिला कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन उनके समस्या सुनने को कोई तैयार नहीं है। नरेश सिंह पंचायत के मुखिया , पंचायत सचिव और प्रखंड विकास पदाधिकारी से भी गुहार लगा चुके हैं। लेकिन सिर्फ आश्वासन के सिवाय आज तक पेंशन सूची में नाम नहीं जोड़ा गया। पेंशन सूची में नाम जुड़वाने के लिए काफी पैसे भी खर्च किए गए , लेकिन पेंशन सूची में नाम नहीं जुड़ पाया। नरेश सिंह ने बताया कि पेंशन नहीं मिलने के कारण उनके बीच भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। उन्होंने तत्काल जिला प्रशासन से पेंशन सूची में नाम जोड़कर पेंशन राशि निर्गत करने की मांग किया है। इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया। इधर लोगों का कहना है कि आधार कार्ड और अकाउंट में गड़बड़ी होने के कारण वृद्ध व्यक्ति नरेश सिंह का पेंशन बंद है।

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