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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · शाम 5:56 · नई दिल्ली संस्करण

पलामू : ऐतिहासिक आदिवासी महाकुंभ दुबियाखाड़ मेला रद्द, 25 वर्ष के इतिहास में पहली बार टूटी परंपरा

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

कोविड-19 संक्रमण के कारण मेला को रद्द करने का निर्णय

मेदिनीनगर : पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर के सदर प्रखंड के दुबियाखाड़ में चेरो राजा मेदिनीराय की स्मृति में लगने वाले दो दिवसीय ऐतिहासिक आदिवासी महाकुंभ मेला को रद्द कर दिया गया है। इसके साथ ही पिछले कई दिनों से मेला के आयोजन को लेकर चल रही सारी तैयारी धरी की धरी रह गई । मेला के रद्द करने के निर्णय के संबंध में जिले के उपविकास आयुक्त सह जिला परिषद के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी शेखर जमुआर ने पत्र जारी किया है। पत्रांक 108 दिनांक 9.2.2021 के द्वारा इस संबंध में जानकारी दी गयी है। विदित हो कि वर्ष 1996 से दुबियाखाड़ में आदिवासी महाकुंभ मेला का आयोजन होता आ रहा है। मेला की शुरूआत अविभाजित बिहार में मंत्री और झारखंड विधानसभा के प्रथम स्पीकर इंदर सिंह नामधारी ने की थी। इस मेला में कई मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों का आगमन हो चुका है। आदिवासियों के विकास की दृष्टिकोण से यह मेला काफी सुखद रहा है। उपविकास आयुक्त ने जिला परिषद की ओर से जानकारी दी है कि गत 4 फरवरी को आदिवासी महाकुंभ विकास मेला (दुबियाखाड़) के आयोजन को लेकर बैठक हुई थी। इसमें हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी मेला के आयोजन का निर्णय लिया गया था, लेकिन कोविड-19 संक्रमण के कारण मेला को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया गया।

मेले में हजारों की संख्या में लगती थी भीड़

एक अनुमान के अनुसार मेला में प्रति वर्ष पांच हजार से अधिक लोगों की भीड़ एकट्ठा होती है। उपविकास आयुक्त की ओर से कहा गया है कि इस वर्ष भी इसी तरह की संभावना थी, जिसमें सामाजिक दूरी का पालन होना संभव नहीं था। कोरोना महामारी के प्रसार में यह मेला उत्पे्ररक की भूमिका निभा सकती थी। आदिवासी अस्मिता एवं संस्कृति के संरक्षण का प्रतीक यह मेला समाजिक रूप से महत्वपूर्ण है, परन्तु कोरोना महामारी के प्रकोप को देखते हुए मेला का आयोजन कर बहुसंख्य स्थानीय ग्रामीणों के स्वास्थ्यहित में समझौता नहीं किया जा सकता। विभागीय निर्देश के आलोक में 11 एवं 12 फरवरी को निर्धारित मेला के आयोजन को स्थगित कर मेला समिति के पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया है। ऐसी स्थिति में अगर दुबियाखाड़ मेला का आयोजन होता है तो यह विभागीय निर्देश का उलंघन होगा।

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