यहां गरीबों को नहीं सुनते हैं अधिकारी : वर्षों से स्कूल में रहने को विवश है कई परिवार
बुर्जुगों को नहीं मिलता है पेंशन, गांव में आज तक नहीं लगा एक भी हैंडपंप
राशन , पेंशन , बिजली और शुद्ध पानी के लिए तरस रहे हैं रजखेता के ग्रामीण
मामला पलामू जिले के मनातू प्रखंड के रंगिया पंचायत के रजखेता गांव का
चंद्रदेव प्रजापति
मेदिनीनगर : पलामू जिले के अति सुदूरवर्ती इलाका मनातू प्रखंड के रंगिया पंचायत स्थित रजखेता गांव मूलभूत सुविधा से कोसों दूर है। आजादी के इतना वर्ष बीत जाने के बाद भी यहां के लोगों को शुद्ध पानी नसीब नहीं हो पाया है। इस गांव के लोगों को सरकारी सुविधा से दूर रखा गया है। गांव में ना बिजली की व्यवस्था है और ना ही पानी की। इस गांव के लोगों को पेंशन भी नहीं मिलता है। पीएम आवास की बात करें तो यहां गिने-चुने दो तीन लोगों को ही पीएम आवास का लाभ मिल पाया है। अपना घर नहीं होने के कारण कई परिवार वर्षों से स्कूल भवन में रहने को मजबूर हैं। सबसे मजेदार बात है कि मनातू प्रखंड के गांवों के उत्थान को लेकर सरकार इस क्षेत्र को एक्शन प्लान में शामिल कर करोड़ों रुपए खर्च कर रही है। लेकिन बिचौलियों और दलालों के द्वारा गांव तक सरकार की योजना नहीं पहुंच पा रही है। जिसका परिणाम है कि आज भी लोग मूलभूत सुविधा से कोसों दूर हैं। गांव के कई बुजुर्ग आज भी वृद्धा पेंशन, पीएम आवास और शुद्ध पेयजल के लिए सरकार से आस लगाए बैठे हुए हैं। चौंकाने वाली बात तो यह है कि गांव के कई बुजुर्ग पेंशन और पीएम आवास के आस में दम तोड़ चुके हैं। प्रशासन की लापरवाही इस कदर है कि इस गांव के एक भी वृद्ध व्यक्तियों का पेंशन नहीं बन पाया है। आज भी इस गांव को देखा जाए तो कई परिवार स्कूल भवन में शरण लिए हुए हैं और कई परिवारों का घर तो झोपड़ीनुमा है। गांव के विदेशी भुइयां अपने कई परिवारों के साथ पिछले कई वर्षों से स्कूल भवन में जीवन बिता रहे हैं। इसके अलावे गांव के कई लोग भी स्कूल पर ही कब्जा जमा रखे हैं। इस गांव में शिक्षा के नाम पर तो एक विद्यालय और एक आंगनबाड़ी केंद्र है। विद्यालय तो कभी - कभार खोलता है, लेकिन आंगनबाड़ी केंद्र में हमेशा बंद रहता है। जिसे आज भी इस गांव के गरीब बच्चों को प्राथमिक शिक्षा नसीब नहीं हो पा रहा है। सोचने वाली बात है कि इस गांव में अभी भी कई लोगों के पास नागरिकता प्रमाण पत्र और आधार कार्ड भी नहीं है। आखिर इस गांव का मौलिक विकास कब होगा। जिससे ग्रामीणों को मूलभूत सुविधा प्राप्त हो सके। इस गांव के लोगों को 10 -12 किलोमीटर दूर जाकर वोट देना पड़ता है।
लोगों को समय पर नहीं मिलता है राशन , कुआं बना सहारा
इस गांव के लोगों को समय पर राशन भी नसीब नहीं हो पा रहा है। कभी कभार डीलर द्वारा लोगों को राशन भी दिया जाता है तो निर्धारित मात्रा से दुगना मूल्य वसूला जाता है। किरोशन तेल तो आज तक लोगों को मिला ही नहीं। साल में दो - चार बार ही गरीबों को राशन उपलब्ध हो पाता है। नमक - चीनी यहां के लोगों को नसीब नहीं होता है। ग्रामीण में बताया कि गांव में चापाकल नहीं होने के कारण यहां के लोगों को कुंआ का दूषित पानी पीना पड़ता है। स्कूल के बच्चों को भी दूषित पानी से ही खाना बनाया जाता है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से गांव में विशेष शिविर लगाकर त्वरित निष्पादन करने की मांग किया है।
आजादी के बाद भी आज तक गांव में नहीं पहुंच पाया बिजली
रजखेता गांव में आज तक बिजली नहीं पहुंच पाया है। विभाग द्वारा बिजली का खंभा के साथ तार लगाया गया। लेकिन गांव तक बिजली नहीं पहुंच पाया। नतीजा यह कि बिजली का तार जो लगाया गया था। उस तार को अज्ञात लोगों द्वारा चुरा लिया गया है। बिजली नहीं होने के कारण यहां के लोग आज भी अंधेरों में रहने को विवश हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि गांव में बिजली का ट्रांसफार्मर लगाया गया था , लेकिन ट्रांसफार्मर भी गायब कर दिया गया है।
आज तक नहीं पहुंचे हैं इस गांव में कोई विधायक और अधिकारी
गांव के दुखनी देवी , खुशबू देवी कुंती देवी, सुरेश यादव , बिनेश्वर यादव, रामेश्वर यादव, शांति देवी आदि ग्रामीण बताया कि इस गांव में आज तक कोई विधायक नहीं पहुंचे हैं। जिला प्रशासन के नाम पर सिर्फ एक बार बीडीओ आए थे, लेकिन आज तक गांव के हालात में कोई सुधार नहीं हुआ। गांव में एक भी चापाकल नहीं है। जिसके कारण यहां के लोगों को कुआं का दूषित पानी पीना पड़ता है। स्वास्थ सुविधा यहां नदारद है। बीमार पड़ने पर यहां के लोगों को काफी दूर जाना पड़ता है। चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं। चुनाव जीतने के बाद वे गरीबों की दर्द भूल जाते हैं।
क्या कहते हैं बीडीओ सच्चितानंद महतो
इस बाबत जब मनातू प्रखंड के प्रभारी प्रखंड विकास पदाधिकारी सच्चितानंद महतो से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि वे फिलहाल ही प्रभार लिए हैं। गांव की मूलभूत सुविधा का जायजा लेते हुए गांव के लोगों को सरकारी सुविधा उपलब्ध कराने का भरपूर प्रयास करेंगे। ग्रामीणों की समस्या का निदान करने का प्रयास किया जाएगा।





