गुरु पूर्णिमा पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दी पर्यावरण संरक्षण की प्रेरणा, जालंधर में गुरुओं का लिया आशीर्वाद

गुरु पूर्णिमा पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दी पर्यावरण संरक्षण की प्रेरणा, जालंधर में गुरुओं का लिया आशीर्वाद
जालंधर/नई दिल्ली, 10 जुलाई — गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने जालंधर में आयोजित विभिन्न आध्यात्मिक कार्यक्रमों में भाग लेकर संतों एवं गुरुओं से आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने लोगों से अपील की कि वे "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत पेड़ लगाएं और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पावन दिन उन महान गुरुओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है, जिन्होंने समाज को ज्ञान, संस्कार और सेवा का मार्ग दिखाया।
मुख्यमंत्री सैनी ने सबसे पहले दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान, नूर महल का दौरा किया, जहां उन्होंने पूज्य श्री आशुतोष महाराज जी के चित्र का पूजन कर श्रद्धा अर्पित की। कार्यक्रम में केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने संस्थान की कामधेनु गौशाला में पहुंचकर गौ सेवा में भाग लिया और उपस्थित श्रद्धालुओं को गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
इसके उपरांत मुख्यमंत्री बाबा मोहन दास आश्रम पहुंचे और वहां बाबा मोहन दास जी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि गुरु के बिना जीवन की दिशा अधूरी होती है और गुरु पूर्णिमा का दिन हमें उनके मार्ग पर चलने का संकल्प लेने का अवसर देता है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने "एक पेड़ मां के नाम" अभियान का उल्लेख करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे पेड़ लगाकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें।
मुख्यमंत्री सैनी ने डेरा सचखंड बल्लां का भी दौरा किया, जहां उन्होंने मत्था टेक कर गुरु रविदास जी की शिक्षाओं को नमन किया। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी का समानता, सामाजिक समरसता और शांति का संदेश आज भी समाज को प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने डेरा द्वारा समाज कल्याण, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए जा रहे सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि सरकार ऐसे पवित्र प्रयासों में हरसंभव सहयोग देगी।
गुरु पूर्णिमा के इस आध्यात्मिक और प्रेरणादायी दौरे के बीच मुख्यमंत्री ने जनता से सीधे संवाद को भी प्राथमिकता दी। जालंधर जाते समय उन्होंने अपने काफिले को जमशेर गांव में रोका और स्थानीय दुकानदारों व ग्रामीणों से आत्मीय मुलाकात की। उन्होंने सभी का हालचाल जाना और उनकी समस्याओं को सुना। मुख्यमंत्री की सादगी और जनता से सीधे जुड़ने की शैली ने ग्रामीणों को गहराई से प्रभावित किया।
इस अवसर पर भाजपा के वरिष्ठ नेता और अनेक गणमान्य व्यक्ति भी मुख्यमंत्री के साथ उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था और आध्यात्मिकता से जुड़ी रही, बल्कि पर्यावरण चेतना, सामाजिक संवाद और जनकल्याण के संदेशों से भी परिपूर्ण रही, जो उन्हें एक जननायक की भूमिका में और अधिक सशक्त बनाती है।





