शहीदी दिवस पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का भावपूर्ण संबोधन — पिछड़े वर्गों के लिए उठाए गए ठोस कदमों का किया उल्लेख

शहीदी दिवस पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का भावपूर्ण संबोधन — पिछड़े वर्गों के लिए उठाए गए ठोस कदमों का किया उल्लेख
सिरसा , 31 जुलाई 25 : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शहीदी दिवस के अवसर पर आयोजित एक भव्य समारोह में देश के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए नागरिकों से राष्ट्र की एकता और नव-निर्माण के लिए एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हरियाणा सरकार द्वारा पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए किए गए उल्लेखनीय प्रयासों की विस्तार से जानकारी दी।
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं में पिछड़ा वर्ग (ए) को 8 प्रतिशत तथा पिछड़ा वर्ग (बी) को 5 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। इसके अतिरिक्त पंच पदों पर उनकी जनसंख्या के 50 प्रतिशत के अनुपात में भी आरक्षण सुनिश्चित किया गया है। इसी प्रकार शहरी स्थानीय निकायों में भी पिछड़ा वर्ग (बी) को मेयर या प्रधान के पदों में 5 प्रतिशत आरक्षण तथा पालिका के सदस्यों के लिए भी जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण की व्यवस्था लागू की गई है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा एक लाख 80 हजार रुपये तक की वार्षिक आय वाले परिवारों की बेटियों के विवाह हेतु 51,000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा रही है, जो समाज के कमजोर वर्गों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ठोस कदम है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की आजादी हमारे शहीदों के संघर्ष, बलिदान और दृढ़ संकल्प से मिली है। उनका सपना था एक समृद्ध, एकजुट और आत्मनिर्भर भारत — और आज़ादी की इस अमूल्य धरोहर को सुरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने शहीदी दिवस को आत्मचिंतन और राष्ट्र निर्माण के संकल्प का दिन बताते हुए युवाओं से अपील की कि वे देश के लिए समर्पित होकर राष्ट्र सेवा में आगे आएं।
डेरा बाबा भूमणशाह जी के गद्दीनशीन बाबा ब्रह्म दास ने भी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का स्वागत करते हुए उनके सेवा भाव, सामाजिक प्रतिबद्धता और जन कल्याण के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे शहीदों से प्रेरणा लें, अच्छे संस्कार अपनाएं और सच्चे देशभक्त बनें। उन्होंने यह भी कहा कि आज का युवा ही देश का भविष्य है और उसकी सोच, कर्म और कर्तव्यनिष्ठा से ही राष्ट्र की दिशा तय होगी।
बाबा ब्रह्म दास ने अपने संबोधन में नशे के खिलाफ भी सशक्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि नशा समाज की जड़ों को खोखला कर रहा है और इसे समाप्त करने के लिए समाज को एकजुट होना होगा। जब तक यह बुराई समाप्त नहीं हो जाती, हमारा प्रयास निरंतर जारी रहेगा।
इस अवसर पर देशभर से अनेक श्रद्धेय संत, राजनेता और गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। इनमें स्वामी ब्रह्मानंद जी, श्री महेश मुनी जी, महंत गोमती दास जी, महंत सागर नाथ जी, जर्मनी के सांसद श्री राहुल कम्बोज, उड़ीसा के पूर्व राज्यपाल प्रो. गणेशीलाल, पूर्व मंत्री श्री सुभाष सुधा, श्री करण देव कम्बोज, पूर्व सांसद श्रीमती सुनीता दुग्गल, और पूर्व विधायक श्री दुड़ा राम प्रमुख रूप से सम्मिलित थे।





