सोनीपत में 17 साल पुरानी रंजिश में नंबरदार की पीट-पीटकर हत्या
सोनीपत,। सोनीपत के गांव नैना तेतारपुर में 17 साल पुरानी रंजिश में
एक नंबरदार को बीती रात पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने मृतक के
परिजनों के बयान पर कार्रवाई करते हुए करीब एक दर्जन लोगों के खिलाफ मामला
दर्ज कर लिया है। घटना शनिवार की रात की है। पुलिस ने रविवार को इस मामले
में चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी शुरू कर दी है।
प्रारंभिक
जानकारी के अनुसार गांव नैना तेतारपुर निवासी सुभाष वर्ष 2007 में गांव
में नंबरदार नियुक्त हुआ था। गांव ने कुछ लोगों के साथ उसकी कहासुनी हो गई
थी। यही पुरानी रंजिश अब खूनी संघर्ष में बदल गई है। शिकायतकर्ता अजमेर
पुत्र रामकिशन निवासी नैना तेतारपुर ने बताया वह 3 भाई हैं। 31 मई को उनके
सबसे बड़े भाई सुभाष (40) का झगड़ा पड़ोसी ईश्वर के साथ गली को लेकर हो गया
था। इस झगड़े का उसी दिन भाईचारे में राजीनामा भी हो गया।
फिर एक
जून को रात करीब 10 बजे सुभाष गली में खाना खाकर घूम रहा था। इसी दौरान
झगड़े की रंजिश रखते हुए ईश्वर, उसके लड़के हिमान्शु व हन्नी, उसकी पत्नी
नीलम, उसका भाई संजय व उसकी पत्नि बेबी, ईश्वर का दूसरा भाई बंटी और उसकी
छोटी बहन एक साथ वहां पहुंचे। ये सभी सुभाष को लाठी-डंडों और अन्य तेजधार
हथियारों से मारते हुए घसीटकर अपने घर के अन्दर ले गए।
वह और उनका
भतीजा गौरव सुभाष को छुड़वाने के लिए ईश्वर के घर में गए तो सभी सुभाष को
मारने में लगे थे। सुभाष जमीन पर पड़ा हुआ था। अजमेर ने कहा कि जब वे सुभाष
को छुड़वाने लगे तो आरोपियों ने गौरव के सिर व मुंह पर चोटें मारी। जब
बचाव के शोर मचाया तो आसपास के लोग और परिजन आ गए। उन्होंने हमें छुड़वाया।
इस दौरान भी ईश्वर जान से मारने की धमकी दे रहा था।
अजमेर अपने भाई
और भतीजे गौरव को इलाज के लिए सोनीपत ले गया, जहां डॉक्टर ने भाई को मृत
घोषित कर दिया और गौरव को भर्ती कर लिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस
मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर अगली कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस
का कहना है कि सुभाष गांव का नंबरदार था। जब सूचना मिलने के बाद मौके पर
पहुंचकर छानबीन की गई तो शव के सिर में चोट के निशान थे। पुलिस को फिलहाल 8
व्यक्तियों के नाम वारदात में बताए गए हैं। परिजनों ने इन पर सुभाष की
हत्या के आरोप लगाए हैं। थाना मोहाना पुलिस इनसे सुभाष की हत्या को लेकर
पूछताछ कर रही है।





