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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:40 · नई दिल्ली संस्करण

फतेहाबाद नगर परिषद कर्मचारियों की दो दिवसीय हड़ताल शुरू, सफाई व्यवस्था ठप होने से जनता परेशान

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
फतेहाबाद नगर परिषद कर्मचारियों की दो दिवसीय हड़ताल शुरू, सफाई व्यवस्था ठप होने से जनता परेशान

फतेहाबाद। नगरपालिका कर्मचारी संघ के आह्वान पर शुक्रवार से फतेहाबाद नगर परिषद के तमाम कर्मचारी दो दिवसीय प्रदेशव्यापी हड़ताल पर चले गए। इस हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। शुक्रवार को न तो सफाई कर्मचारी सडक़ों पर सफाई करने उतरे और न ही डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण वाली गाडिय़ां गली-मोहल्लों में पहुंचीं।

सफाई के साथ-साथ नगर परिषद कार्यालय की विभिन्न ब्रांचों में भी कामकाज पूरी तरह ठप रहा, जिससे अपने कार्यों के लिए कार्यालय पहुंचे शहरवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। शुक्रवार सुबह कर्मचारी नगर परिषद कार्यालय के प्रांगण में एकत्रित हुए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस विरोध प्रदर्शन की अध्यक्षता नगरपालिका कर्मचारी संघ के इकाई प्रधान नरेश राणा ने की और मंच संचालन सचिव ओमप्रकाश लोट द्वारा किया गया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि 1 और 2 मई की इस हड़ताल के बाद भी सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो इस आंदोलन को अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदला जा सकता है।

चूंकि शनिवार को हड़ताल का दूसरा दिन है और रविवार को साप्ताहिक अवकाश है, ऐसे में अब सोमवार से पहले शहर की व्यवस्थाएं पटरी पर लौटने के आसार नहीं हैं। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए इकाई प्रधान नरेश राणा ने कहा कि हरियाणा सरकार की वादाखिलाफी और तानाशाही रवैया अब बर्दाश्त से बाहर हो चुका है। उन्होंने बताया कि कर्मचारी 16 अप्रैल से चरणबद्ध तरीके से विरोध कर रहे थे, जिसमें काली पट्टी बांधना और भूख हड़ताल शामिल थी, लेकिन सरकार की हठधर्मिता के कारण उन्हें मजबूरन काम बंद कर प्रदेशव्यापी हड़ताल पर जाना पड़ा

। राणा ने स्पष्ट किया कि शहर में सफाई व्यवस्था बिगडऩे की पूरी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि कर्मचारियों का मकसद जनता को दुखी करना नहीं है, बल्कि अपने वाजिब हकों के लिए लडऩा है। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों को बातचीत की मेज पर बुलाने के बजाय दमनकारी नीतियां अपना रही है। जब तक ठेका प्रथा समाप्त नहीं होती और कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की प्रक्रिया शुरू नहीं होती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।

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