अब इंतजार की घड़ी नजदीक, उत्तराखंड में यूसीसी लागू करने की तैयारी आखिरी मोड़ पर
देहरादून, । 2047 तक विकसित भारत के साथ इस दशक को उत्तराखंड का दशक
बनाने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वप्न को साकार करने के लिए नई
ऊर्जा, उत्साह, उमंग के साथ धामी सरकार लगातार विकास पथ पर अग्रसर है और कई
ऐतिहासिक और स्वर्णिम युग जैसे कदम उठाए हैं, उनमें यूसीसी भी शामिल है।
ऐसे में अब उत्तराखंड वासियों के इंतजार की घड़ी नजदीक आ चुकी है। समान
नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की तैयारी आखिरी मोड़ पर है। सरकार ने
उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस नौ नवंबर से पूर्व यूसीसी लागू करने का
लक्ष्य तय किया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में
समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की तैयारियों के सबंध में सचिवालय
में बैठक ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में यूसीसी लागू करने के लिए
इसके अधीन संचालित होने वाली प्रक्रियाओं एवं नियमों को समयबद्धता के साथ
अंतिम रूप दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि यूसीसी के
प्राविधानों को व्यवस्थित रूप से संपादित किए जाने के लिए गठित उप समिति के
कार्यों एवं विभिन्न विभागों के स्तर पर की जाने वाली कार्यवाही को भी
शीघ्र अंतिम रूप दिया जाए। उन्होंने इस संबंध में विभिन्न स्तरों पर होने
वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूसीसी को विधिवत लागू किए जाने से पूर्व सभी पहलुओं
का गहनता एवं सजगता से अध्ययन किया जाए। यूसीसी के बारे में व्यापक स्तर
पर जनजागरूकता भी लाई जाए। इसके लिए सभी संबंधित विभाग समन्वय के साथ कार्य
करें।
31 अगस्त को दो तो 30 सितंबर को एक, कुल तीन रिपोर्ट सौंपेगी समितियां
यूसीसी
के प्राविधानों को लागू करने के लिए गठित समिति के अध्यक्ष शत्रुघ्न सिंह
ने बताया कि इस सबंध में तीन उप समितियों का गठन किया गया। नियमों की
रूपरेखा तैयार करने के लिए गठित उप समिति की अब तक 43 बैठकें हो चुकी हैं,
जो 31 अगस्त 2024 तक अपनी रिपोर्ट देगी। नियमों के कार्यान्वयन में सुगमता
और पारदर्शिता के लिए उप समिति की 20 बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं, यह उप
समिति भी 31 अगस्त 2024 तक अपनी रिपोर्ट देगी। क्षमता विकास और प्रशिक्षण
के लिए बनाई गई उप समिति भी 30 सितंबर 2024 तक अपनी रिपोर्ट देगी। उन्होंने
बताया कि यूसीसी से संबंधित प्राविधानों को प्रभावी ढ़ग से क्रियान्वित किए
जाने के लिए विभिन्न विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। बैठक में मुख्य
सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु,
प्रमुख सचिव न्याय प्रदीप पंत, डीजीपी अभिनव कुमार, विभिन्न विभागों के
सचिव, समिति के सदस्य समेत संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
ड्राफ्ट रिपोर्ट में है नियमों की जानकारी
उल्लेखनीय
है कि उत्तराखंड की भाजपा सरकार ने यूसीसी को लेकर जस्टिस (रिटायर्ड)
रंजना प्रकाश देसाई के नेतृत्व में एक कमेटी गठित की थी। कमेटी लोगों की
राय-मशविरा के बाद एक ड्राफ्ट रिपोर्ट सार्वजनिक कर चुकी है। राज्य में
शादी, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे मामलों के साथ कैसे डील किया
जाएगा, इस ड्राफ्ट रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है।





