नक्शा बदल देगा न्यू नोएडा! 84 गांवों की जमीन पर बसेगा NCR का सबसे बड़ा शहर
नोएडा से बड़ा न्यू नोएडा बसने जा रहा है। इसे दादरी-नोएडा-गाजियाबाद निवेश क्षेत्र (DNGIR) के नाम से अधिसूचित किया गया है। यह गौतम बुद्ध नगर और बुलंदशहर के 84 गांवों में 209 वर्ग किमी में विकसित होगा।पहले चरण में 37 गांवों में जमीन अधिग्रहण शुरू हो गया है। यह दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारे (DMIC) का हिस्सा होगा और इसे औद्योगिक-लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इसका विकास मास्टर प्लान 2041 के तहत चार चरणों में पूरा होगा।

उत्तर प्रदेश में शहरी विकास का नया अध्याय लिखने जा रहा है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बाद अब योगी सरकार न्यू नोएडा बसाने जा रही है, जो आकार में मौजूदा नोएडा से भी बड़ा होगा। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को आधिकारिक तौर पर दादरी-नोएडा-गाजियाबाद निवेश क्षेत्र (DNGIR) के नाम से अधिसूचित किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी ने रविवार को जानकारी दी कि पहले चरण में 37 प्राथमिकता वाले गांवों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह प्रोजेक्ट अब तेजी से जमीन पर उतर रहा है। न्यू नोएडा गौतम बुद्ध नगर और बुलंदशहर जिलों के 84 गांवों में लगभग 209.11 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विकसित होगा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक मौजूदा नोएडा का करीब 90% हिस्सा पहले ही विकसित हो चुका है, इसलिए NCR में विस्तार के लिए नई जमीन की जरूरत थी। न्यू नोएडा उसी जरूरत का जवाब है। यह शहर दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा (DMIC) ढांचे के तहत विकसित किया जा रहा है। इसका स्थान बेहद रणनीतिक है - जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, यमुना एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और बोराकी में प्रस्तावित मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब (MMTH) के बेहद करीब। नोएडा प्राधिकरण ने साफ किया है कि न्यू नोएडा को आवासीय हब नहीं, बल्कि औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स हब के तौर पर विकसित किया जाएगा। यहां विनिर्माण, माल ढुलाई, भंडारण, वेयरहाउसिंग और मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स हब (MMLH) पर जोर होगा। मास्टर प्लान में सिकंदराबाद इंडस्ट्रियल एरिया- I और II को भी शामिल किया गया है।
साथ ही 13.44% एरिया रेजिडेंशियल के लिए और 9% एरिया इंडस्ट्रियल वर्कफोर्स के लिए घर बनाने को रिजर्व रखा गया है, ताकि काम करने वाले लोग ऑफिस के पास ही रह सकें। EWS और HIG दोनों वर्गों के लिए हाउसिंग प्लान है। न्यू नोएडा का विकास न्यू नोएडा मास्टर प्लान 2041 के तहत चार चरणों में होगा: पहला चरण (2024-2028): 3,165 हेक्टेयर में बुनियादी ढांचा, सड़कें और भूमि अधिग्रहण। दूसरा चरण (2028-2032): 3,798 हेक्टेयर में वाणिज्यिक, आवासीय और औद्योगिक विकास। तीसरा चरण (2032-2037): 5,908 हेक्टेयर में बड़े उद्योग, परिवहन नेटवर्क और हरित क्षेत्र। चौथा चरण (2037-2041): 8,230 हेक्टेयर के साथ पूर्ण विकास।
नोएडा अथॉरिटी और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA) ने मिलकर मास्टर प्लान तैयार किया है। न्यू नोएडा को विदेशी स्मार्ट सिटीज़ की तर्ज पर बसाया जाएगा। इसमें ग्रीन बिल्डिंग, सोलर एनर्जी, ओपन ग्रीन स्पेस, इंटीग्रेटेड सर्विलांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ISTMS), स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल और रियल-टाइम क्राउड मैनेजमेंट जैसी सुविधाएं होंगी। सरकार का दावा है कि यह प्रोजेक्ट लाखों युवाओं को रोजगार देगा, निवेश आकर्षित करेगा और यूपी की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देगा। 84 गांवों के किसानों को बेहतर मुआवजे का भी वादा किया गया है।




