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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · दोपहर 3:52 · नई दिल्ली संस्करण

Delhi में रेप केस पर भड़का सुप्रीम कोर्ट, कहा- निर्भया कांड से कुछ नहीं सीखा, अब जवाबदेही तय करो

दिल्ली-NCR में बढ़ते रेप केस पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया। जस्टिस पारदीवाला की बेंच बोली - ऐसा एक्शन लो कि अपराधियों में खौफ रहे। कहा, पार्क, बस, सड़क हाई-रिस्क जोन नहीं बन सकते। आस्था कुंज पार्क गैंगरेप और 47KM चलती बस में नाबालिग से दरिंदगी जैसी घटनाएं निर्भया कांड की याद दिलाती हैं, ये पुलिस-प्रशासन की नाकामी है।

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
Delhi में रेप केस पर भड़का सुप्रीम कोर्ट, कहा- निर्भया कांड से कुछ नहीं सीखा, अब जवाबदेही तय करो

दिल्ली-NCR में महिलाओं और नाबालिग बच्चियों के खिलाफ लगातार सामने आ रही खौफनाक वारदातों पर सुप्रीम कोर्ट ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। शीर्ष अदालत ने स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा है कि अब सिर्फ चिंता जताने और बयानबाजी से काम नहीं चलेगा, ऐसा एक्शन लो कि अपराधियों के मन में खौफ रहे और जवाबदेही तय हो। जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने सोमवार 28 सितंबर को इस मामले की सुनवाई की। बेंच ने कहा - पार्क, सड़क, बसें, मेट्रो स्टेशन और फुटओवर ब्रिज जैसी सार्वजनिक जगहों को खराब लाइटिंग, बंद CCTV और पुलिस पेट्रोलिंग की कमी की वजह से 'हाई-रिस्क जोन' नहीं बनने दिया जा सकता।



कोर्ट ने टिप्पणी की कि हिंसा के डर के बिना सम्मान के साथ जीना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत हर नागरिक का मौलिक अधिकार है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिल्ली-NCR की हाल की घटनाएं 2012 के निर्भया कांड की दर्दनाक यादें ताजा करती हैं। इससे सवाल उठता है कि क्या 14 साल में सिस्टम ने कोई सबक लिया भी है? अदालत ने कहा यह साफ तौर पर पुलिस और प्रशासन की नाकामी है। कोर्ट ने जिन मामलों का जिक्र किया उनमें 3 प्रमुख केस हैं: आस्था कुंज पार्क गैंगरेप (कालकाजी): 17 साल की किशोरी अपने दोस्त के साथ मंदिर गई थी। आरोप है कि 3 लोगों ने खुद को पुलिस वाला बताकर उसे अलग किया और सुनसान जगह पर गैंगरेप किया। पुलिस ने आसिफ, हेमंत और मुकेश को गिरफ्तार किया। 



चलती स्लीपर बस में दरिंदगी: ग्रेटर नोएडा के परी चौक से 16 साल की नाबालिग बस में चढ़ी। ड्राइवर और कंडक्टर ने 47 किलोमीटर तक चलती बस में उसके साथ गैंगरेप किया और कश्मीरी गेट पर छोड़ दिया। बस में CCTV खराब था और उस पर 11 चालान पहले से थे, फिर भी कई चेक-पोस्ट से बिना रोक-टोक निकल गई। स्वरूप नगर और अन्य केस: स्वरूप नगर में नाबालिग से गैंगरेप के बाद हत्या, देशबंधु गुप्ता रोड पर 6 साल की बच्ची और सदर बाजार में 11 साल की बच्ची से रेप के मामले भी सामने आए। दो हफ्ते में 4 बड़े केस। सुप्रीम कोर्ट ने कहा - एकजुटता दिखाना एक्शन का विकल्प नहीं है। बयान से रेप नहीं रुकेंगे। बेंच ने स्वत: संज्ञान केस दर्ज करने का आदेश दिया और दिल्ली पुलिस से रिपोर्ट मांगी है।



अदालत ने कहा कि अब अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। सार्वजनिक जगहों पर लाइट, कैमरे और पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए। अपराध रोकने में नाकाम रहे अधिकारियों पर कार्रवाई हो। इस सख्त टिप्पणी के बाद दिल्ली पुलिस ने खराब लाइट वाले इलाकों और बंद CCTV की पहचान कर सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। वहीं NCRB डेटा के मुताबिक दिल्ली में 2024 में महिलाओं के खिलाफ 13,396 केस दर्ज हुए, अपराध दर 130.7 के साथ दिल्ली अब भी देश में टॉप पर है।


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