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शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 · दोपहर 3:27 · नई दिल्ली संस्करण

जेवर एयरपोर्ट को मिला नया नाम - नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, योगी कैबिनेट में प्रस्ताव पास

लखनऊ में योगी कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है। जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम अब 'नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट' होगा। कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास हो गया। योगी सरकार का कहना है कि ये पीएम मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट है और उनकी पहल से ही 25 साल पुराना सपना पूरा हुआ है। प्रस्ताव अब केंद्र को भेजा जाएगा। मार्च 2027 में पीएम मोदी इसका उद्घाटन कर सकते हैं।

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जेवर एयरपोर्ट को मिला नया नाम - नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, योगी कैबिनेट में प्रस्ताव पास

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। ग्रेटर नोएडा के जेवर में बनकर तैयार हुए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम अब 'नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट' रखा जाएगा। आज लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस नामकरण प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पास कर दिया गया। अब इस प्रस्ताव को नागरिक उड्डयन मंत्रालय और केंद्र सरकार को भेजा जाएगा, जहाँ से अंतिम मुहर लगेगी। जेवर एयरपोर्ट देश का सबसे बड़ा और एशिया का दूसरा सबसे बड़ा एयरपोर्ट है। ये पीएम मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जाता है। 



25 साल से लंबित पड़े इस प्रोजेक्ट को योगी सरकार ने 2017 में हरी झंडी दी थी, और 26 नवंबर 2021 को खुद प्रधानमंत्री मोदी ने इसकी आधारशिला रखी थी। मार्च 2026 में इसे एयरोड्रम लाइसेंस मिल चुका है और इसके कमर्शियल ऑपरेशन भी शुरू हो गए हैं। योगी कैबिनेट में लिए गए फैसले के पीछे तर्क दिया गया है कि इस एयरपोर्ट को बनाने में प्रधानमंत्री के विजन और लगातार मॉनिटरिंग का बड़ा हाथ रहा है। मुख्यमंत्री योगी ने कैबिनेट में कहा कि जब प्रस्ताव पारित हुआ तो जमीन अधिग्रहण बड़ी चुनौती थी, लेकिन किसानों को समझाकर और भरोसा दिलाकर इस प्रोजेक्ट को साकार किया गया। किसानों के सहयोग से ही आज जेवर का नाम इतिहास में दर्ज हो गया है।



ये सिर्फ नाम नहीं, आंकड़ों में भी बहुत बड़ा है। क्षेत्रफल: 5845 हेक्टेयर, करीब 13000 एकड़ में फैला है। लागत: पहले चरण में 11,077 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। क्षमता: पहले चरण में 1.2 करोड़ यात्री सालाना, अंतिम चरण में 7 करोड़ से 30 करोड़ तक। रनवे: अभी 1 रनवे (3900 मीटर) तैयार, भविष्य में कुल 6 रनवे और 4 टर्मिनल बनेंगे। तकनीक: पूरी तरह सौर ऊर्जा से चलेगा, CAT-IIIB ILS तकनीक से 50 मीटर विजिबिलिटी में भी लैंडिंग होगी, फेस रिकग्निशन वाली Digi Yatra सुविधा। योगी सरकार का कहना है कि इस एयरपोर्ट से यूपी को 1 लाख करोड़ रुपये का राजस्व मिलेगा, और पश्चिमी यूपी में निवेश, रोजगार और पर्यटन को बूस्ट मिलेगा। रोजाना 150 फ्लाइट्स से शुरुआत होगी।



नामकरण के प्रस्ताव के बाद विपक्ष ने सवाल उठाए हैं। समाजवादी पार्टी का कहना है कि एयरपोर्ट किसानों की जमीन पर बना है, इसका नाम किसी किसान नेता या शहीद के नाम पर होना चाहिए। वहीं भाजपा का कहना है कि पीएम मोदी के बिना ये एयरपोर्ट संभव नहीं था, इसलिए ये सम्मान उचित है। फिलहाल 28 मार्च 2027 को पीएम मोदी इस एयरपोर्ट का औपचारिक उद्घाटन करने वाले हैं, अब उम्मीद है कि उसी दिन इसे नए नाम 'नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट' के रूप में देश को समर्पित किया जाएगा।

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