मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · शाम 5:53 · नई दिल्ली संस्करण

कांग्रेस की श्रृंखला धरोहर की नौवीं वीडियो जारी

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन

रांची। झारखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरांव ने शनिवार को राष्ट्र निर्माण की अपनी महान विरासत कांग्रेस की श्रृंखला धरोहर की नौवीं वीडियो को अपने सोशल मीडिया व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम फेसबुक, ट्विटर पर जारी पोस्ट को शेयर किया। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में उरांव ने कहा कि कांग्रेस की अगुवाई में देश की आवाज बनने से लेकर कई प्रस्तावों को स्वीकार करवाने, बंगाल विभाजन को रद्द करवाने जैसी बड़ी सफलताओं ने आजादी के आंदोलन को नई दिशा दी। देश का लगभग हर बड़ा आंदोलनकारी कांग्रेस के मंच से जुड़कर आजादी की आवाज बुलंद कर रहा था। सफलता की उन्हीं मजबूत दिनों के बीच 1912 का बांकीपुर अधिवेशन संपन्न हुआ। इसी अधिवेशन में पहली बार एक डेलीगेट के रूप में पंडित जवाहरलाल नेहरू ने हिस्सा लिया। 1913 का कराची अधिवेशन भारत में एकता और सद्भाव के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण साबित हुआ। बंगाल विभाजन के साजिश के बीच दोनों समुदायों के लोग यह समझ चुके थे कि देश का शत्रु एक ही है और वह ब्रिटिश हुकूमत थी।जिसकी लाठी और गोलियां धर्म देखकर किसी को नहीं छोड़ती हैं। इसी अधिवेशन में बाकायदा संप्रदायिक सद्भाव और साझी लड़ाई का एक प्रस्ताव पारित किया गया ताकि अंग्रेजों का विभाजनकारी एजेंडा सफल ना हो सके। 1914 के मद्रास अधिवेशन में 886 डेलीगेट्स ने हिस्सा लिया। आजादी की लड़ाई के साथ-साथ कांग्रेस का विस्तार व्यापक होता जा रहा था। कांग्रेस और देश आजादी की प्रभावशाली लड़ाई लड़ रहे थे। यह जनता और कांग्रेस की ताकत ही थी कि मद्रास के गवर्नर तक को इस अधिवेशन में हिस्सा लेना पड़ा, ये भारतीय जन आंदोलन की मजबूती थी। एसबी सिन्हा की अध्यक्षता में 1915 का मुंबई अधिवेशन स्वतंत्रता संग्राम के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ। इस अधिवेशन में कांग्रेस के संविधान में बदलाव किया गया और कांग्रेस की ताकत दुगुनी हो गई। भाग लेने वाले सदस्यों की संख्या बढ़कर 2259 हो गई और इससे देश की आजादी के आंदोलन को गति मिली। रामेश्वर उरांव ने कहा कि हमारे पूर्वजों द्वारा देश की आजादी में बलिदानों और संघर्षों को व्यर्थ नहीं जाने देंगे और एकजुट होकर अंदर और बाहर देश की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण बनाए रखेंगे। कांग्रेस विधायक दल नेता आलमगीर आलम ने कहा कि हम देख सकते हैं कि आजादी के आंदोलन में कांग्रेस की मजबूती देश और जनता की ताकत बन रही थी। अंग्रेज भी जानते थे कि कांग्रेस के मजबूत होने का मतलब है भारत को ताकत मिलना और ब्रिटिश हुकूमत की नींव कमजोर होना। ब्रिटिश हुकूमत की इस नींव को खोखला करने के लिए इसी 1915 साल की कड़कड़ाती ठंड में आजादी का महान नायक भारत की क्षितिज पर आ चुका था और बहुत जल्द देश का भविष्य बदलने वाला था। आलम ने कहा कि बलिदान और संघर्ष के बल पर मिली देश की आजादी को हर कीमत पर बरकरार रखना हमारा कर्त्तव्य है। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ,लाल किशोर नाथ शाहदेव और राजेश गुप्ता ने कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा धरोहर वीडियो कड़ी में हम देख रहे हैं कि किस तरह से 1912 से 1915 के बीच कांग्रेस के अधिवेशन के माध्यम से जमीन पर उतर कर अंग्रेजों के दांत खट्टे करने का काम किया गया। फूट डालो राज करो कि अंग्रेज की नीति को देश की जनता ने एकजुटता के साथ करारा जवाब दिया। आज भी कांग्रेस उसी मार्ग पर देश को आगे लेकर बढ़ने का काम कर रही है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी सोशल मीडिया के कोऑर्डिनेटर गजेंद्र प्रसाद सिंह के नेतृत्व में झारखंड प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारियों ,कार्यकर्ताओं, विधायकों ,सांसदों, मंत्रियों ने धरोहर वीडियो को अपने सोशल मीडिया के माध्यम से जनता के समक्ष समर्पित किया जो काफी ट्रेंड कर रहा है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें