छापेमारी से पहले ही बंद मिले नाइट क्लब, सूचना लीक होने का शक

– हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया ने की कार्रवाई
– करीब छह घंटे चला अभियान
सोनीपत। सोनीपत में ओपी जिंदल यूनिवर्सिटी के सामने स्थित नाइट क्लबों में नशे और संदिग्ध गतिविधियों की शिकायत मिलने पर हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया गुरुवार को साधारण कपड़ों में टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने करीब छह घंटे तक तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान कई अहम तथ्य सामने आए, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
महिला आयोग को गुप्त सूचना मिली थी कि यूनिवर्सिटी के आसपास चल रहे नाइट क्लबों की आड़ में संदिग्ध गतिविधियां संचालित हो रही हैं। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए चेयरपर्सन ने स्वयं मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करने का निर्णय लिया। गुरुवार शाम से शुरू हुआ अभियान आधी रात तक चला।
टीम ने क्षेत्र के कई नाइट क्लबों की जांच की, लेकिन अधिकांश क्लब पहले से बंद मिले। इससे यह आशंका मजबूत हुई कि छापेमारी की सूचना पहले ही लीक हो चुकी थी।
सूचना लीक होने के कारण कई क्लब संचालक मौके से फरार बताए जा रहे हैं। कुछ स्थानों पर कर्मचारी अंदर लाइट बंद करके बैठे मिले। पूछताछ में कर्मचारियों ने बताया कि संचालकों ने पहले ही निर्देश दे दिए थे कि उस दिन क्लब संचालित नहीं करना है, क्योंकि पुलिस और महिला आयोग की छापेमारी होने वाली है। इस खुलासे ने पूरे अभियान की गोपनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
छापेमारी के दौरान टीम ने क्लबों के आसपास के क्षेत्रों का भी निरीक्षण किया, जहां युवक-युवतियों को खुलेआम शराब पीते पाया गया।
रेणु भाटिया ने कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि टीम के पहुंचने से पहले ही जानकारी लीक हो गई। उनके अनुसार, जिसने भी यह सूचना साझा की, उसने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले की दोबारा बिना पूर्व सूचना के जांच की जाएगी। अगली बार किसी भी प्रकार की लापरवाही, अवैध गतिविधि या नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।





