मनरेगा कर्मी मानव श्रृंखला बना कर सरकार का विरोध जताया
देवघर। झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ देवघर के द्वारा आज समाहरणालय परिसर के सामने एक दिवसीय धरना दिया गया। सामाजिक दूरी का पालन करते हुए झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर उनके मांगों पर विचार नहीं किया जाता तो सरकार को एक उग्र आंदोलन का शिकार होना पड़ेगा। संघ ने कहा कि विगत 2 माह से सरकार के उच्च पदस्थ अधिकारियों द्वारा मनरेगा कर्मचारियों पर वर्षा ऋतु होने के बावजूद योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रत्येक पंचायत में 300 से अधिक मजदूर हर हाल में नियोजित करने का बलपूर्वक दबाव बनाने एवं लक्ष्य पूरा नहीं होने की स्थिति में बर्खास्तगी की कार्रवाई करने की चेतावनी बार-बार देने के कारण झारखंड के अधिकांश मनरेगा कर्मी अवसाद से ग्रस्त हो गए हैं। 1 महीने में 50 से अधिक मनरेगा कर्मचारी दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। आधा दर्जन मनरेगा कर्मी तनाव और ब्रेन हेमरेज के कारण काल के गाल में समा चुके हैं ।इस बाबत संघ ने सरकार एवं विभाग के विभिन्न स्तरों पर पत्र लिखकर घायल साथियों का समुचित इलाज करवाने एवं मृत मनरेगा कर्मचारी साथियों के परिवार को मुआवजा एवं अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने का आग्रह किया है । संघ ने कहा है कि सरकार की तरफ से इस विषय में कोई भी पहल नहीं की गई है ।जबकि कोरोनावरियर्स के रूप में ड्यूटी पर लगाए गए स्वास्थ्य कर्मियों एवं आंगनबाड़ी सेविकाओं के लिए झारखंड सरकार ने 5000000 रुपए के बीमा का प्रावधान किया था लेकिन बार-बार मांग किए जाने के बाद भी मनरेगा कर्मचारियों को यह सुविधा नहीं दी गई है ।बिना सुरक्षा एवं बीमा के प्रावधान के मनरेगा कर्मी से कोरोना ड्यूटी कराया गया है। लिहाजा सरकार से मांग की गई है कि इनकी मांगों पर विचार किया जाए नहीं तो आज सांकेतिक धरना प्रदर्शन है आगे उग्र आंदोलन होगा।





