नक्सलियों के गढ़ में लोगों का हाल जानने मोटरसाइकिल से गांव पहुंचे विधायक
विधायक डॉ शशिभूषण मेहता ने गांव का हाल देख रह गए दंग, पूर्व विधायक को ठहराया दोषी
चंद्रदेव प्रजापति
मेदिनीनगर : पांकी विधायक कुशवाहा डॉक्टर शशिभूषण मेहता बुधवार को पांकी विधानसभा क्षेत्र के अति नक्सल प्रभावित मनातू प्रखंड क्षेत्र के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में बसे लोगों का हाल जानने मोटरसाइकिल से उनके गांव पहुंचे। सुदूरवर्ती गांव में विधायक के पहुंचते ही लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। लोगों ने खुलकर विधायक के समक्ष अपनी दर्द बयां की। लोगों ने पूर्व विधायक को जमकर कोसा। वहीं विधायक डॉ मेहता ने लोगों से प्रेम पूर्वक उनकी समस्या सुने। विधायक डॉ मेहता बुधवार को मनातू प्रखंड के विभिन्न गांवों का दौरा कर लोगों की समस्याएं सुन रहे थे। इस बीच विधायक की काफिला मनातू प्रखंड के अति नक्सल प्रभावित मिटार पहुंच गया। वहां विधायक ने लोगों की समस्या सुना। इस बीच उन्हें पता चला कि डुमरी पंचायत के गौरवाटांड़ , जसपुर व चीरी टांड़ के लोगों का जीवन फटे हाल जिंदगी में गुजर रहा है। गांव तक आने जाने की कोई सुविधा नहीं है। इतना सुनते ही विधायक डॉ मेहता अपने सभी वाहन को मिटार पुलिस पिकेट पर ही खड़ा कर अपने समर्थकों के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर गांव के लोगों हाल जानने के लिए निकल पड़े। करीब 8 किलोमीटर मोटरसाइकिल से दूरी सफर करने के बाद विधायक डॉ मेहता गौरवाटांड़ पहुंचे। जहां विधायक ने गांव का हाल देख दंग रह गए। विधायक ने इसके लिए पूर्व विधायक को दोषी ठहराया है। विधायक ने गौरवाटांड़ , जसपुर एवं चीरीटांड़ के लोगों से उनकी समस्या सुना। इस बीच लोगों ने विधायक के समक्ष समस्याओं का अंबार लगा दिया।
गांव तक आने-जाने का नहीं है कोई सुविधा
विधायक डॉक्टर शशिभूषण मेहता के गांव पहुंचते ही लोगों की भीड़ उमड़ गई। लोगों ने विधायक के समक्ष बताया कि गांव तक आने-जाने के लिए सड़क की कोई व्यवस्था नहीं है। बरसात हो या गर्मी किसी तरह लोग प्रखंड व जिला आते जाते हैं। लोगों ने बताया कि गांव में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं है। गांव में बिजली की आपूर्ति पिछले कई महीनों से बंद है। शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं होने के कारण लोग आज भी चुआड़ी के पानी पीते हैं। गांव में जल मीनार लगा है । लेकिन सोलर प्लेट चोरी हो जाने से जलमीनार खराब पड़ा है। इस पर मुखिया द्वारा आज तक कोई पहल नहीं किया गया।
आदिम जनजातियों को मिलने वाला राशन पर डाका
विधायक कुशवाहा डॉ शशिभूषण मेहता द्वारा गांव भ्रमण के दौरान एक चौकाने वाला मामला खुलासा हुआ है। लोगों ने बताया कि यहां उन्हें राशन समय पर नहीं मिलता है। पिछले कई महीने से केंद्र सरकार द्वारा मिलने वाला राशन अब तक उन्हें नहीं मिल पाया है। डीलर का घर लाभुकों के गांव से 10 किलोमीटर दूर है। डीलर लाभुकों के गांव में राशन बांटने की बजाय अपने घर पर ही राशन बांटता है। ग्रामीणों ने राशन डीलर पर कई गंभीर आरोप लगाया है।
आदिम जनजाति परहिया व खरवार जाति का है गांव
मनातू के गौरावाटांड़ में परहिया जाति निवास करते हैं। जबकि जसपुर व चीरीटांड़ में खेरवार जाति रहते हैं। आदिम जनजाति के गांव होने के बावजूद लोगों को सरकारी सुविधा नहीं मिल रहा है। सरकार का निर्देश है कि आदिम जनजाति के गांव में राशन का वितरण हो। लेकिन यहां ऐसा नहीं होता है। यूं कहा जाए कि मूलभूत सुविधा और विकास से यहां के लोग काफी दूर है। इन गांव में एक भी पक्का का आवास नहीं है। झोपड़ीनुपा घर में लोग जीवन गुजार रहे हैं।
पहली बार किसी विधायक को गांव पहुंचने पर लोगों में जगी विकास आस
मनातू प्रखंड के डुमरी पंचायत के गौरवा टांड़ , जसपुर व चीरीटांड़ गांव में आज तक किसी विधायक सांसद नहीं पहुंचे थे। लेकिन विधायक बनते ही कुशवाहा डॉक्टर शशिभूषण मेहता गांव पहुंचकर लोगों की समस्या से रूबरू हुए। पहली बार किसी विधायक को गांव पहुंचने पर लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है। गांव में विधायक के पहुंचने पर लोगों में एक बार फिर विकास की आस जग गई है। गांव के लोगों ने बताया कि आज तक किसी विधायक ने इस गांव के लोगों का हाल जानने नहीं पहुंचा था। लेकिन विधायक बनते ही कुशवाहा डॉक्टर शशिभूषण मेहता मोटरसाइकिल से गांव पहुंचकर लोगों की समस्या सुने और समाधान करने का भरोसा दिया। ग्रामीणों ने बताया कि अब उम्मीद जग गई है कि विधायक कुशवाहा डॉक्टर शशिभूषण मेहता इन गांवों का विकास करने के साथ लोगों की सरकारी सुविधा उन तक पहुंचाने का काम करेंगे।
शिविर लगाकर सुनी जाएगी समस्या, मूलभूत सुविधा करेंगे बहाल : विधायक
पांकी विधायक डॉ शशिभूषण मेहता ने कहा कि मनातू प्रखंड के कई इलाका अभी भी काफी पिछड़ा हुआ है। मनातू प्रखंड के डुमरी पंचायत के गौरवाटांड़ व जसपुर गांव को देखा जा सकता है। विधायक ने कहा कि पूर्व के विधायक के लापरवाही के कारण आज तक इन गांव के आदिम जनजाति लोगों को सरकारी योजना से वंचित रखा गया। कहा कि दुर्भाग्य की बात है कि आज तक यह गांव मूलभूत सुविधा से वंचित है। विधायक ने कहा कि गांव में बिजली की आपूर्ति बहाल करने के लिए बहुत जल्द नया ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा। प्राथमिकता के अनुसार इन गांवों का विकास करेंगे। कहा कि गांव में शिविर लगाकर लोगों की समस्या सुनी जाएगी और उनकी समस्या का समाधान किया जाएगा। विधायक ने कहा कि उन्हें लोगों द्वारा शिकायत प्राप्त हुआ है कि केंद्र सरकार द्वारा मिलने वाला राशन आदिम जनजाति के लोगों को अब तक नहीं मिला है। पिछले कई माह से डीलर लोगों को राशन वितरण नहीं किया है। विधायक ने तत्काल पलामू उपायुक्त से दूरभाष पर बात कर पूरे मामले को अवगत कराते हुए दोषी डीलर पर कार्रवाई और आदिम जनजाति लोगों का राशन उपलब्ध कराने को कहा है। विधायक ने साफ तौर पर कहा है कि पूर्व की तरह अधिकारियों की तानाशाही नहीं चलेगी। सरकार द्वारा मिलने वाली सुविधा गरीबों तक पहुंचे , यह अधिकारियों को हमेशा ख्याल रखना होगा। ऐसा नहीं करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।





