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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:20 · नई दिल्ली संस्करण

हरियाणा के सरकारी अस्पताल में नाबालिग का यौन शोषण, आरोपी डॉक्टर फरार

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
हरियाणा के सरकारी अस्पताल में नाबालिग का यौन शोषण, आरोपी डॉक्टर फरार

चंडीगढ़। हरियाणा के कुरुक्षेत्र स्थित लोकनायक जयप्रकाश (एलएनजेपी) जिला सिविल अस्पताल में एक नाबालिग के साथ कथित यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है। आरोप एक सेवानिवृत्त डॉक्टर पर है, जिन्हें सेवानिवृत्ति के बाद दोबारा नियुक्त किया गया था। मामले की जानकारी सामने आने के बाद जांच शुरू कर दी गई है।

आरोपी डॉ. शैलेंद्र कुमार शैली अस्पताल में प्रिंसिपल मेडिकल ऑफिसर के पद से सेवानिवृत्त हो चुके थे। हालांकि, सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें सरकारी अस्पताल में सलाहकार (कंसल्टेंट) के रूप में दोबारा नियुक्त किया गया था। घटना के बाद से वह फरार बताए जा रहे हैं।

पेट दर्द की शिकायत के बाद नाबालिग को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

पीड़िता और उसके परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के सलाहकार डॉक्टर शैलेंद्र शैली ने पहले उसे भर्ती कराया और बाद में अस्पताल के ओपीडी परिसर में उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

इस बीच, राज्य सरकार ने आरोपी डॉक्टर की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। मामले के सामने आने के बाद उन्हें पद से हटा दिया गया है और उनकी नियुक्ति रद्द कर दी गई है।

इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉ. उपेंद्र सिंह ने मीडिया को बताया कि नाबालिग को पहले महिला वार्ड में भर्ती कराया गया था। 29 मई की रात करीब 8:30 बजे अत्यधिक रक्तस्राव की शिकायत के बाद उसे इमरजेंसी विभाग में स्थानांतरित किया गया। इलाज के दौरान नाबालिग ने आरोप लगाया कि अस्पताल के ओपीडी परिसर में उसके साथ कई बार यौन उत्पीड़न किया गया था।

यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत नाबालिग का मेडिकल परीक्षण कराया गया। साथ ही उसे आवश्यक परामर्श दिया गया और उसका बयान भी दर्ज किया गया। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय थाना पुलिस ने पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 और 10 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

स्वास्थ्य सेवाओं की महानिदेशक सुमिता मिश्रा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए रविवार को आरोपी डॉक्टर की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त करने के आदेश जारी किए।

इसके बाद डॉक्टर की नियुक्ति रद्द कर दी गई।

पुलिस के अनुसार, पीड़िता के पिता ने शिकायत में आरोप लगाया है कि जांच के बहाने आरोपी डॉक्टर ने नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न किया। घटना के बाद लड़की को दर्द और अत्यधिक रक्तस्राव की शिकायत हुई, जिसके बाद उसे महिला वार्ड में भर्ती कराया गया।

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