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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:42 · नई दिल्ली संस्करण

रिक्शा चलाकर झारखंड विधानसभा पहुंचे मंत्री इरफान अंसारी, गैस सिलेंडर की किल्लत-महंगाई पर सत्ता पक्ष का हंगामा

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
रिक्शा चलाकर झारखंड विधानसभा पहुंचे मंत्री इरफान अंसारी, गैस सिलेंडर की किल्लत-महंगाई पर सत्ता पक्ष का हंगामा

रांची। एलपीजी और पेट्रोलियम पदार्थों की कथित किल्लत को लेकर शुक्रवार को झारखंड विधानसभा परिसर में जहां सरकार के मंत्रियों ने रिक्शा चलाकर विरोध प्रदर्शन किया, वहीं सदन के भीतर भी इस मुद्दे पर जोरदार हंगामा हुआ।

केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध दर्ज कराने के लिए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी खुद रिक्शा चलाते हुए विधानसभा पहुंचे, जबकि रिक्शे पर कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की सवार थीं। मंत्रियों के इस अंदाज़ ने न केवल सबको हैरान किया बल्कि सड़क से लेकर सदन के भीतर तक सियासी पारे को गरमा दिया।

विधानसभा के मुख्य द्वार पर रिक्शा रोककर मीडिया से मुखातिब होते हुए स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केंद्र की गलत नीतियों और विफल विदेश नीति के कारण आज देश की स्थिति दयनीय हो गई है। महंगाई और बेरोजगारी ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है, जिससे लोग बुनियादी जरूरतों के लिए भी कतारों में लगने को मजबूर हैं।

विरोध की यह आंच सदन की कार्यवाही शुरू होते ही भीतर भी महसूस की गई।

सत्ता पक्ष के विधायकों ने राज्य में एलपीजी सिलेंडर की बढ़ती कीमतों और किल्लत को लेकर शोर-शराबा शुरू कर दिया। विधायक प्रदीप यादव ने हाथों में अखबार लहराते हुए आरोप लगाया कि गैस की कमी के कारण कई स्कूलों में 'मिड-डे मील' (मध्याह्न भोजन) तक प्रभावित हो रहा है और लोग सिलेंडर के लिए लंबी लाइनों में खड़े हैं।

सत्ता पक्ष के विधायकों ने इस स्थिति के लिए सीधे तौर पर केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए जमकर नारेबाजी की।

वहीं, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सत्ता पक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में गैस की कोई कमी नहीं है बल्कि यह पूरी तरह से प्रशासनिक व्यवस्था का सवाल है। मरांडी ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए सदन में बेवजह हाय-तौबा मचा रही है।

उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली में उनके नेता चर्चा से भागते हैं और यहां सदन की कार्यवाही बाधित कर रहे हैं। विधायक सरयू राय ने भी इस शोर-शराबे को अनावश्यक बताते हुए इसे व्यवस्था से जुड़ा मामला करार दिया। सदन में लगातार बढ़ते हंगामे और दोनों पक्षों के बीच तीखी तनातनी को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने हस्तक्षेप किया और प्रश्न को यहीं छोड़कर कार्यवाही को आगे बढ़ाने का निर्देश दिया।

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