नावा बाजार पहुंचे उपायुक्त, प्रखंड पदाधिकारियों के साथ की बैठक
अधूरे कार्यों को शीघ्र निपटाएं , समय से लक्ष्य को करें पूरा : उपायुक्त
मेदिनीनगर : उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी शशि रंजन एवं सहायक समाहर्ता-सह- प्रशिक्षु आईएएस दिलीप प्रताप सिंह शेखावत बुधवार को नावा बाजार प्रखंड कार्यालय के औचक निरीक्षण में पहुंचे। मौके पर मौजूद प्रखंड विकास पदाधिकारी जहूर आलम व प्रखंड प्रमुख रविंद्र पासवान ने उपायुक्त तथा प्रशिक्षु आईएएस का स्वागत किया। उपायुक्त के पहुंचने पर प्रखंड कार्यालय में संबंधित विभागों के पदाधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की गई। बैठक में ग्रामीण विकास से संबंधित मुख्य जानकारी देते हुए उपायुक्त ने कहा कि प्रमुख और मुखिया जिस तरीके से काम करते थे वैसे ही अभी अपना काम करते रहेंगे। इस दौरान उपायुक्त ने कहा कि मनरेगा योजना में चयन से लाभुक को भुगतान तक की प्रक्रिया ऑनलाइन है, ऐसे में किसी प्रकार की गलतो न करें। उपायुक्त ने दीदी बाड़ी योजना की समीक्षा के दौरान पाया कि निर्धारित लक्ष्य 959 योजना के विरुद्ध अब तक मात्र 367 योजना को ही पूर्ण किया गया है। उपायुक्त ने इस योजना में तेजी लाने का निर्देश दिया। बैठक के दौरान डोभा निर्माण, वर्मी कंपोस्ट, 15 वे वित्त योजना, शोखता, रेन वाटर, जल मीनार, सभी योजना की भी समीक्षा की गयी। उपायुक्त ने गाइडलाइन के मुताबिक काम करने का निर्देश दिया। मनरेगा की योजनाओं का समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने पाया कि नावा बाजार प्रखंड में मंडेज के आधार पर मजदूरों को रोजगार देने का लक्ष्य 1 लाख 84 हज़ार था। लक्ष्य के विरुद्ध नावा बाजार प्रखंड में 2 लाख 33 हज़ार पूर्ण कर लिया गया है, जो कि सराहनीय है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने कहा कि अधूरे आवासों को जल्द से जल्द पूर्ण करें। इसके साथ ही आवास योजना में वैसे लोग का चयन करें जो वास्तव में योग्य लाभुक हैं। जल मीनार की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि जल मीनार योजना का चयन ऐसा करें जिससे ज्यादा से ज्यादा घरों तक नल के द्वारा पानी मुहैया कराया जा सके। मौके पर उपायुक्त ने नावा बाजार प्रखंड कार्यालय में पार्किंग बनवाने की भी हरी झंडी दी। प्रखंड विकास पदाधिकारी जहूर आलम ने बताया कि उपायुक्त के भ्रमण के दौरान कोविड-19 संबंधित सभी प्रोटोकॉल का पालन किया गया था। मौके पर प्रखंड, अंचल, शिक्षा विभाग, जेएसएलपीएस के सभी पदाधिकारी एवं प्रखण्ड कर्मी मुख्य रूप से उपस्थित थे।





