मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:33 · नई दिल्ली संस्करण

एमबीबीएस फीस बढ़ोतरी मेधावी छात्रों और मध्यमवर्गीय परिवारों पर 'दोहरा' झटका : डॉ. चीमा

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन
एमबीबीएस फीस बढ़ोतरी मेधावी छात्रों और मध्यमवर्गीय परिवारों पर 'दोहरा' झटका : डॉ. चीमा

चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने पंजाब में एमबीबीएस की फीस बढ़ाने के फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए इसे मेधावी छात्रों और मध्यमवर्गीय परिवारों पर 'दोहरा झटका' करार दिया है।डॉ. चीमा ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा पहले ही महंगी है और ऐसे समय में सरकारी तथा निजी मेडिकल कॉलेजों की फीस में बढ़ोतरी से परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। उन्होंने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 5.5 वर्षीय एमबीबीएस पाठ्यक्रम की कुल ट्यूशन फीस 9.98 लाख रुपये से बढ़ाकर 10.83 लाख रुपये कर दी गई है। उन्होंने कहा कि निजी मेडिकल कॉलेजों में सरकारी कोटे की फीस 21.48 लाख रुपये से बढ़कर 25.22 लाख रुपये और प्रबंधन कोटे की फीस 55.25 लाख रुपये से बढ़कर 64.71 लाख रुपये कर दी गई है।उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ चिकित्सा शिक्षा महंगी कर रही है, जबकि दूसरी तरफ युवा डॉक्टरों को पर्याप्त वेतन और सुरक्षित रोजगार उपलब्ध नहीं करा पा रही। उनके अनुसार सरकारी सेवा में कई युवा डॉक्टरों को करीब 50 हजार रुपये मासिक वेतन मिलता है। डॉ. चीमा ने मांग की कि सरकार फीस बढ़ोतरी पर पुनर्विचार करे, मेधावी एवं आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए छात्रवृत्ति और वित्तीय सहायता शुरू करे तथा युवा डॉक्टरों के लिए नियमित भर्ती, सम्मानजनक वेतन और स्पष्ट पदोन्नति नीति बनाए।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें