Public Impeachment से पहले Kharge का बड़ा बयान, संसद भंग करने की मांग
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बड़ा बयान देते हुए कहा, 'संसद भंग करो, बैलेट पेपर से चुनाव कराओ'। दिल्ली में एक कार्यक्रम में खड़गे ने ईवीएम पर सवाल उठाए और कहा कि जनता के मन में अविश्वास है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार में हिम्मत है तो बैलेट पेपर से चुनाव कराए। विपक्ष के 'पब्लिक इम्पीचमेंट' अभियान से पहले खड़गे के इस बयान से सियासत गरमा गई है।

नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक बार फिर केंद्र सरकार और चुनाव प्रक्रिया पर बड़ा हमला बोला है। दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान खड़गे ने कहा कि अगर सरकार में हिम्मत है तो संसद को भंग करे और बैलेट पेपर से चुनाव कराकर दिखाए। खड़गे का ये बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्ष 'पब्लिक इम्पीचमेंट' जैसे बड़े अभियान की तैयारी कर रहा है। खड़गे ने कहा कि देश में आज लोकतंत्र खतरे में है। ईवीएम को लेकर जनता के मन में कई सवाल हैं और चुनाव आयोग उन सवालों का जवाब नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा, "हम लगातार मांग कर रहे हैं कि चुनाव बैलेट पेपर से होने चाहिए। अगर बीजेपी को लगता है कि जनता उनके साथ है, तो बैलेट पेपर से चुनाव कराकर देखें, दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।"
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आज पूरे देश में ईवीएम को लेकर अविश्वास का माहौल है। कई एक्सपर्ट्स भी इस पर सवाल उठा चुके हैं, लेकिन सरकार सुनने को तैयार नहीं है। खड़गे बोले, "दुनिया के कई विकसित देशों में बैलेट पेपर से चुनाव होते हैं। अमेरिका जैसे देश में भी बैलेट पेपर का इस्तेमाल होता है। फिर भारत में ईवीएम की जिद क्यों?" उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार चुनाव आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है। "संसद में विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा है। हमें बोलने नहीं दिया जाता। इसलिए हम कह रहे हैं कि इस संसद को भंग करो और नए सिरे से जनता के बीच जाओ।"
दरअसल, विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक पिछले कुछ दिनों से 'पब्लिक इम्पीचमेंट' की बात कर रहा है। इसके तहत विपक्ष जनता के बीच जाकर सरकार की नीतियों के खिलाफ जनमत संग्रह जैसा अभियान चलाना चाहता है। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार ने महंगाई, बेरोजगारी और संविधान से जुड़े मुद्दों पर जनता को निराश किया है। खड़गे ने कहा, "हम पब्लिक इम्पीचमेंट इसलिए कर रहे हैं क्योंकि संसद में हमारी बात नहीं सुनी जा रही। जब संसद में न्याय नहीं मिलेगा, तो हम जनता की अदालत में जाएंगे। जनता ही सबसे बड़ी अदालत है।"
खड़गे के बयान पर बीजेपी ने तुरंत पलटवार किया है। बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस हार के डर से पहले ही बहाने ढूंढ रही है। "जब-जब कांग्रेस हारती है, तब-तब ईवीएम पर ठीकरा फोड़ती है। बैलेट पेपर की मांग करना लोकतंत्र को पीछे ले जाना है।" बीजेपी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट भी कई बार ईवीएम को सही ठहरा चुका है और चुनाव आयोग ने भी कई बार चुनौती दी है कि कोई भी ईवीएम को हैक करके दिखाए, लेकिन कोई सफल नहीं हुआ। खड़गे के इस बयान के बाद देश की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। एक तरफ विपक्ष बैलेट पेपर और संसद भंग करने की मांग पर अड़ा है, तो दूसरी तरफ सरकार इसे विपक्ष की हताशा बता रही है। अब देखना होगा कि विपक्ष का 'पब्लिक इम्पीचमेंट' अभियान कितना असर दिखाता है और क्या चुनाव आयोग इस मांग पर कोई प्रतिक्रिया देता है।
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