फतेहाबाद SHO रिश्वतकांड में बड़ा मोड़: पूछताछ के बाद छूटे थाना प्रभारी, बिचौलिए के फर्जी दावों का खुलासा

फतेहाबाद। फतेहाबाद जिले के टोहाना शहर थाने में नशे के एक मामले को रफा-दफा करने के एवज में रिश्वत लेने के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो की कार्रवाई शुक्रवार देर रात तक चली। करनाल एसीबी की टीम ने फतेहाबाद टीम के साथ मिलकर 50 हजार रुपये की पहली किश्त लेते हुए बिचौलिए को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। वहीं, बिचौलिए द्वारा नाम लिए जाने पर हिरासत में लिए गए टोहाना सिटी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह को देर रात एक बजे गहन पूछताछ के बाद छाेड़ दिया गया।
एसीबी की जांच में थाना प्रभारी के खिलाफ न तो रिश्वत मांगने के और न ही पैसे लेने के कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष साक्ष्य मिले हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पूर्व गांव कलरभैणी निवासी एक व्यक्ति को नशे के एक मामले में पकड़ा गया था, हालांकि उसके खिलाफ आधिकारिक केस दर्ज नहीं किया गया था। आरोप है कि उस मामले को पूरी तरह दबाने के लिए पहले 5 लाख रुपये की मांग की गई थी, लेकिन बाद में सौदा 2.5 लाख रुपये में तय हुआ। इस भ्रष्टाचार की शिकायत गांव बिठमड़ा निवासी जगजीत सिंह ने एंटी करप्शन ब्यूरो, करनाल को दी थी।
शिकायत पर कार्रवाई करते हुए करनाल एसीबी ने फतेहाबाद की स्थानीय टीम को साथ लेकर ट्रैप की व्यूहरचना तैयार की। तय रणनीति के तहत शिकायतकर्ता जगजीत सिंह ने जैसे ही बिचौलिए कृपाल सिंह को 50 हजार रुपये की पहली किश्त सौंपी, पास में मुस्तैद एसीबी टीम ने घेराबंदी कर उसे मौके पर ही दबोच लिया। काआरोपी बिचौलिए से केमिकल लगे 50 हजार रुपये बरामद कर लिए गए। पूछताछ के दौरान बिचौलिए कृपाल सिंह ने दावा किया कि यह राशि टोहाना सिटी एसएचओ कुलदीप सिंह के लिए ली जा रही थी।
बिचौलिए के इस बयान के बाद एसीबी टीम एसएचओ को भी हिरासत में लेकर फतेहाबाद स्थित एसीबी कार्यालय पहुंची। फतेहाबाद एसीबी कार्यालय में देर रात तक बिचौलिए और एसएचओ से आमने-सामने बैठाकर गहन पूछताछ की गई। घटना की सूचना मिलते ही जिले के कई थाना प्रभारी और चौकी इंचार्ज भी एसीबी दफ्तर पहुंचे। एसीबी अधिकारियों द्वारा की गई तकनीकी व मैदानी जांच में एसएचओ इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह की संलिप्तता का कोई प्रमाण नहीं मिला। जांच में सामने आया कि बिचौलिए ने कार्रवाई से बचने या दबाव बनाने के लिए एसएचओ का झूठा नाम लिया था। इसके बाद एसीबी ने एसएचओ को क्लीन चिट देते हुए छोड़ दिया, जबकि गिरफ्तार बिचौलिए कृपाल सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर आगामी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।





