ऑनलाइन मूक्स पे केंद्रित रिफ्रेशर कोर्स का शुभारंभ
रांची। यूजीसी प्रायोजित मानव संसाधन विकास केंद्र, रांची विश्वविद्यालय की ओर से सोमवार से प्राध्यापकों के लिए ऑनलाइन मूक्स पे केंद्रित रिफ्रेशर कोर्स का शुभारंभ एक वेबिनार के माध्यम से किया गया। जिसकी अध्यक्षता एचआरडीसी के निदेशक डॉ ज्योति कुमार ने किया। वेबिनार के मुख्य संरक्षक रांची विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ रमेश कुमार पाण्डेय ने अपनी शुभकामनाएं देते हुए कोर्स के सफलता की कामना की। वेबिनार की संरक्षक विवि की प्रतिकुलपति डॉ कामिनी कुमार ने कहा कि कोरोना काल में ऑनलाइन व्याख्यान एवं कोर्स संचालित करना बहुत ही महत्वपूर्ण है। इस कोर्स में शामिल सभी प्रतिभागी कोर्स करने के बाद अपने ऑनलाइन व्याख्यान प्रस्तुत करने में कुशल, दक्ष एवं योग्य महशुस करेंगे। उन्होंने पहली बार राँची विश्वविद्यालय के एच आर डी सी द्वारा ऑनलाइन व्याख्यान एवं कोर्स संचालित करने के लिए अपनी शुभकामनाएं दी। वेबिनार के की नोट स्पीकर आई आई टी, कानपुर के भौतिकी विभाग के प्राध्यापक डॉ मनोज कुमार हरबोला ने अपने व्याख्यान में बताया कि किसी भी ऑनलाइन क्लास के लिए छात्रों के बीच विषय रखते समय एकाग्रता पे विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन शिक्षा में रचनात्मकता के साथ संवादपरक का समावेश करने से विद्यार्थियों को वास्तविक क्लास का अनुभव प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के बीच सहजता पूर्वक व्याख्यान देना चाहिए और बीच में रुकावट न हो, इसका विशेष ख्याल रखना चाहिए।
दूसरे की नोट वक्ता वीएनआईटी, नागपुर के डॉ रितेश कुमार केसरी ने अपने व्यख्यान में बताया कि ओपन बोर्ड सॉफ्टवेयर का प्रयोग ऑनलाइन क्लास के लिए करने से छात्रों के साथ सीधा संवाद किया जा सकता है। शिक्षा तभी रोचक होगा, जिसमें संवाद स्थापित हो सके। उन्होंने कहा कि ओपन बोर्ड सॉफ्टवेयर पे पेन और टेबलेट का प्रयोग करते हैं।उन्होंने कहा कि ऑनलाइन क्लास के लिए जितना अच्छा प्रस्तुतिकरण हम करेंगे उतना छात्रों को सीखने में आनंद की अनुभूति होगी। तीसरे की नोट वक्ता मद्रास विश्वविद्यालय की डॉ पीएस मंजुला ने अपने व्यख्यान में ओपन शैक्षणिक संसाधन और रचनात्मक कॉमन लाइसेंस के बारे में विस्तार से जानकारी दी ।उन्होंने बताया कि ऑनलाइन कोर्स आज के परिस्थितियों के लिए वरदान है। ऑनलाइन क्लास, फिजिकल क्लास से काफी भिन्न होता है, लेकिन हम कैसे बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा देने की तैयारी कर रहें है, ये हम प्राध्यापकों पे निर्भर है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन शिक्षा के अच्छाई एवं बुराई दोनों पक्ष होते हैं एवं हमें तय करना है कि हम किस प्रकार विद्यार्थियों को सरल, सहज एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे रहें हैं। वेबिनार में डॉ विश्वनाथ के सी(मैसूर), डॉ दीपू कुमार (मैसूर), डॉ श्रीनिवास के एन (मांड्या, कर्नाटक), डॉ शंकरा एस(कर्नाटक) आदि ने भी अपना विचार व्यक्त किया।
वेबिनार का सफल संचालन कोर्स कोऑर्डिनेटर डॉ राजकुमार सिंह ने किया। वेबिनार में मूक्स पे आधारित रिफ्रेशर कोर्स के कुल 39 प्रतिभागी शामिल हुए।





