चंडीगढ़ के निकट मोरनी में भूस्खलन, शहरों से कटे कई गांव-खतरेके निशान पर पहुंची घग्गर नदी-पंचकूला प्रशासन ने बनाया कंट्रोल रूम

चंडीगढ़, 6 अगस्त (हि.स.)। चंडीगढ़ तथा आसपास के क्षेत्रों में हो रही बारिश तथाहिमाचल की नदियों में जलस्तर बढ़ने का असर ट्राईसिटी में भी देखने को मिल रहा है। बुधवार की सुबह पंचकूला जिला के पर्यटक स्थल मोरनी में भूस्खलन होने से रायपुररानी-मोरनी मार्ग बंद हो गया। कई गांव पंचकूला से कट गए।
लैंडस्लाइड के कारण सड़क पर पेड़ गिर गए और भारी मात्रा में पत्थर और मिट्टी जमा हो गई। जिससे पैदल रास्ता तक नहीं बचा है। इससे पहले भी मोरनी क्षेत्र में लैंडस्लाइड हो चुका है। इसके अलावा मोरनी हिल्स से गुजरती कोटी नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है। इसमें हिमाचल में हो रही बारिश का पानी आ रहा है। इस बीच पंचकूला की जिला उपायुक्त मोनिका गुप्ता ने बुधवार को अलर्ट जारी करते हुए कहा कि पहाड़ों में और पंचकूला में हो रही लगातार बारिश के कारण घग्गर नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है। हिमाचल व हरियाणा में बीती रात से हो रही भारी बारिश के कारण घग्गर नदी का जल स्तर खतरे के निशान के पास पहुंच गया है।
जिला उपायुक्त ने आमजन से अपील की है कि वह नदी, नालों व जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें। किसी भी नदी या नाले के किनारे या उस पर बने पुल पर खड़े होकर पानी देखने से बचें। यह खतरनाक हो सकता है। पंचकूला प्रशासन ने आपात स्थिति को देखते हुए कंट्रोल रूम स्थापित करते हुए 0172-2562135 फोन नंबर जारी किया है।





