ध्रुव राठी की नागरिकता और वीजा स्टेटस की जांच की मांग, बीजेपी नेता ने लिखा गृह मंत्रालय को पत्र
बेंगलुरु में CJP के SIR विरोधी प्रदर्शन में ध्रुव राठी के शामिल होने पर विवाद खड़ा हो गया है। एक बीजेपी नेता ने गृह मंत्रालय को चिट्ठी लिखकर उनकी नागरिकता और वीजा स्टेटस की जांच की मांग की है। सवाल उठ रहा है कि क्या जर्मन में रहने वाला व्यक्ति भारत में प्रदर्शन कर सकता है। वीजा नियमों के मुताबिक टूरिस्ट या OCI पर आया विदेशी नागरिक राजनीतिक गतिविधि में हिस्सा नहीं ले सकता। गृह मंत्रालय ने अभी तक कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया है।

बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में CJP (Cockroach Janta Party) के SIR विरोधी प्रदर्शन में यूट्यूबर ध्रुव राठी के शामिल होने के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर यह सवाल उठ रहा है कि क्या भारत में रहने वाला जर्मन नागरिक राजनीतिक प्रदर्शन में हिस्सा ले सकता है। इसी को लेकर एक बीजेपी नेता ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर ध्रुव राठी की नागरिकता और वीजा स्टेटस की जांच की मांग की है। हालांकि, गृह मंत्रालय की तरफ से इस चिट्ठी पर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि या जवाब नहीं आया है।
8 अक्टूबर को बेंगलुरु में चुनाव आयोग की SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया और CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP का बड़ा प्रदर्शन हुआ। इसमें अभिनेता प्रकाश राज और फैक्ट-चेकर मोहम्मद जुबैर के साथ ध्रुव राठी भी मंच पर दिखे। राठी ने कहा, "मैं यहां सत्ता परिवर्तन के लिए नहीं आया हूं, यह हर देशवासी का मुद्दा है।" राठी जर्मनी में रहते हैं और वहीं से वीडियो बनाते हैं, जिसके कारण सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ "जर्मन नागरिक" होने का दावा वायरल हो रहा है। कुछ यूजर्स ने आरोप लगाया कि वह विदेशी फंडिंग पर भारत में "रिजीम चेंज" के लिए आए हैं, जिस पर राठी ने खुद जवाब दिया कि "न मुझे एलन मस्क ने, न जॉर्ज सोरोस ने फंड किया है, मैं अपने पैसों से यहां आया हूं।"
भारतीय वीजा नियमों के मुताबिक, विदेशी नागरिक का भारत में राजनीतिक गतिविधि में शामिल होना वीजा शर्तों का उल्लंघन माना जाता है। भारत के वीजा मैनुअल के अनुसार, टूरिस्ट वीजा पर आया कोई भी विदेशी नागरिक किसी भी राजनीतिक दल, धरना-प्रदर्शन या राजनीतिक गतिविधि में हिस्सा नहीं ले सकता। ऐसा करना वीजा उल्लंघन है और उस पर कार्रवाई व डिपोर्टेशन तक हो सकता है। अगर कोई व्यक्ति भारतीय मूल का है और OCI (Overseas Citizen of India) कार्ड पर भारत आया है, तो भी उसे राजनीतिक गतिविधियों में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं है। OCI कार्डधारक को चुनाव प्रचार, राजनीतिक प्रदर्शन या किसी राजनीतिक दल से जुड़े कार्यक्रम में भाग लेने से रोका गया है।
ध्रुव राठी का जन्म हरियाणा में हुआ है और वह खुद को भारतीय बताते हैं। वह लंबे समय से जर्मनी में रह रहे हैं और उनकी पत्नी जर्मन नागरिक हैं। उनके पास जर्मन रेजिडेंसी है, लेकिन उन्होंने कभी भी जर्मन नागरिकता लेने की बात सार्वजनिक रूप से नहीं कही है। भारत दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं देता। ऐसे में अगर उन्होंने जर्मन नागरिकता ली होती तो भारतीय नागरिकता स्वतः रद्द हो जाती। अब तक उनके पास भारतीय पासपोर्ट है या OCI कार्ड, इस पर कोई सरकारी दस्तावेज सार्वजनिक नहीं है। इसलिए बीजेपी नेता की चिट्ठी के बाद अब निगाहें गृह मंत्रालय पर हैं कि क्या वह इस मामले में कोई जांच बैठाता है या वीजा स्टेटस पर कोई स्पष्टीकरण देता है। वहीं 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले CJP के अगले प्रदर्शन में भी ध्रुव राठी के शामिल होने की चर्चा है।
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