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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:36 · नई दिल्ली संस्करण

जेएसएससी अध्यक्ष का इस्तीफा छात्रों को दिग्भ्रमित करने का प्रयास : ओम वर्मा

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन

रांची। जेएसएससी अध्यक्ष नीरज सिन्हा के इस्तीफे पर अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) के प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा ने बुधवार को कहा कि आजसू ने चरणबद्ध आंदोलन कर जेएसएससी सीजीएल पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच कराने और जेएसएससी के अध्यक्ष की इस्तीफे की मांग की थी। आज जब छात्र आंदोलन कर रहे हैं और विभाग शक के दायरे में है तब जेएसएससी अध्यक्ष नीरज सिन्हा का व्यक्तिगत कारणों का हवाला देकर पद से इस्तीफा देना राज्य सरकार की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है और सरकार द्वारा छात्रों के आक्रोश को नजरअंदाज करने के समान है।

वर्मा ने कहा कि आजसू समेत राज्य के लाखों युवाओं द्वारा इस मामले की सीबीआई जांच की मांग अभी भी वहीं की वहीं है। यह इस्तीफा छात्रों को दिग्भ्रमित नहीं कर सकता है। नीरज सिन्हा का इस्तीफा इस मामले के मूल वजह को छिपाने का प्रयास है और इस इस्तीफे ने सरकार की युवाओं के प्रति उनकी गलत नीतियों और उदासीन रवैये पर भी मोहर लगा दी है। यह खबर इस मामले में बड़े-बड़े सफेदपोश लोगों की संलिप्तता की तरफ इशारा कर रहा है। सरकार को अविलंब पेपर लीक प्रकरण की निष्पक्ष जांच सीबीआई से करानी होगी ताकि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले और छात्रों के साथ न्याय हो।

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