मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 7:37 · नई दिल्ली संस्करण

झामुमो-कांग्रेस ने हमेशा जनता को रखा धोखे में : आजसू

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
झामुमो-कांग्रेस ने हमेशा जनता को रखा धोखे में : आजसू

रांची। केंद्र सरकार के जाति जनगणना कराने की घोषणा से इंडी गंठबंधन की हवा गुम हो गई है। यदि कांग्रेस–झामुमो गंभीर होते तो पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के कार्यकाल में ही इस मामले पर कदम उठाते। कांग्रेस–झामुमो ने जाति जनगणना के मुद्दे पर हमेशा जनता को धोखे में रखा और अब अपनी पीठ थपथपा रहे हैं।यह बातें आजसू पार्टी के मुख्य प्रवक्ता डॉ देवशरण भगत, आंदोलनकारी प्रवीण प्रभाकर और संजय मेहता ने गुरुवार को पार्टी के हरमू रॉड स्थित मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में संयुक्त रूप से कही।उन्होंने कहा कि आजसू ने राजग के घटक के रूप में हमेशा इस मुद्दे पर मुखरता से आवाज उठाई और आंदोलन किया। इसका परिणाम सामने है। आजसू नेताओं ने कहा कि जाति जनगणना के इस निर्णय को लागू करने में आजसू पार्टी अपनी पूरी ताकत के साथ सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।पार्टी ने यह निर्णय लिया है कि वह जनजागरूकता अभियान चलाएगी ताकि, समाज के हर वर्ग को इस प्रक्रिया के महत्व और उसके लाभों के बारे में जानकारी मिल सके।उन्होंने कहा कि यह निर्णय भारत के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृश्य में एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है।डॉ देवशरण भगत ने कहा कि आजसू पार्टी का मानना है कि जाति जनगणना के आंकड़े न केवल सामाजिक-आर्थिक असमानताओं को उजागर करेंगे, बल्कि सरकार को शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, आवास और अन्य क्षेत्रों में संसाधनों के समान वितरण के लिए एक स्पष्ट रोडमैप प्रदान करेंगे।वहीं प्रवीण प्रभाकर ने कहा कि जाति जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह सामाजिक न्याय का एक उपकरण है। यह हमें यह समझने में मदद करेगा कि समाज के कौन से वर्ग अभी भी विकास की मुख्यधारा से वंचित हैं। संजय मेहता ने कहा कि झारखंड जैसे राज्य, जहां आदिवासी, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग की बड़ी आबादी निवास करती है, यहां यह निर्णय विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें