मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 10:42 · नई दिल्ली संस्करण

झारखंड में 100 जैव विरासत स्थल होंगे चिन्हित, कार्यशाला का हुआ आयोजन

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन

चतरा। झारखंड जैव विविधता पर्षद के द्वारा जैव विरासत स्थल घोषित करने को लेकर गुरुवार कार्यशाला का आयोजन हुआ। झारखंड जैव विविधता पर्षद के सदस्य सचिव सह मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी संजीव कुमार (अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक) ने पलाश भवन सभागार में आयोजित कार्यशाला में 100 जैव विविधता विरासत स्थल को दिसंबर माह तक चिन्हित करने का लक्ष्य रखा है। उक्त लक्ष्य के आलोक में अभी तक झारखंड के चतरा, रांची, हजारीबाग, लातेहार, देवघर, गिरीडीह व अन्य जिलों से 40 से भी अधिक जैव विविधता विरासत स्थल को चिन्हित किया जा चुका है। इसी क्रम में सदस्य सचिव द्वारा तकनीकी रूप से सही प्रस्ताव जो को ग्राम सभा से पारित कर पर्षद को प्रस्ताव देना है के लिए लगातार वीडियो कांफ्रेंसिंग एवं सीधे तौर पर जैव विविधता प्रबंधन समितियों के साथ बैठक कर जानकारी ले रहे है। उन्होंने कहा कि जैव विविधता अधिनियम की धारा 37 के अंतर्गत जैव विविधता विरासत स्थल घोषित करने का प्रावधान है। जिससे विरासत में मिले जैव विविधता, सांस्कृतिक धरोहर को संरंक्षित किया जा सके।ग्राम सभा से पारित कर प्रस्ताव पर्षद को प्राप्त हुए। सचिव ने उक्त कार्यों की समीक्षा एवं क्षेत्र में कार्य को और अच्छा से करने के लिए संबंधित लोगों को कई दिशा निर्देश दिए। बैठक में तकनीकी पदाधिकारी हरि शंकर लाल द्वारा सभी को जैव विविधता विरासत स्थल को चिन्हित और घोषित करने की तकनीकी प्रक्रिया पर भी प्रकाश डाला गया।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें