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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:46 · नई दिल्ली संस्करण

हिरासत में प्रताड़ना पर झारखंड हाई कोर्ट का कड़ा रुख, अधिकारियों को नोटिस

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
हिरासत में प्रताड़ना पर झारखंड हाई कोर्ट का कड़ा रुख, अधिकारियों को नोटिस

रांची। झारखंड हाईकोर्ट ने सरायकेला-खरसावां जिले के ईचागढ़ में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के नेता तरुण महतो की पुलिस हिरासत में बुरी तरह पिटाई के मामले में सख्त रुख अपनाया है।

मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने स्वतः संज्ञान लेकर दर्ज जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य के प्रधान स्वास्थ्य सचिव और सरायकेला एसपी से जवाब तलब किया है। अदालत ने प्रधान स्वास्थ्य सचिव से पूछा है कि उस मेडिकल ऑफिसर के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई है, जिसने तरुण महतो को अदालत में पेश करने से पहले 'फिट फॉर कस्टडी' का सर्टिफिकेट दिया था।

अदालत ने टिप्पणी की कि जब तरुण महतो को बुरी तरह पीटा गया था और उनके शरीर पर जख्म के निशान मौजूद थे, तब स्वास्थ्य अधिकारी ने किस आधार पर उन्हें फिट बताया और झूठी रिपोर्ट तैयार की। इसके साथ ही, अदालत ने सरायकेला एसपी को जिले के पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की प्रगति पर 18 जून तक विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को सूचित किया गया कि पीड़ित तरुण महतो को अंतरिम राहत के रूप में 1 लाख 50 हजार रुपये का मुआवजा प्रदान किया गया है। मामले में प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता रितेश कुमार महतो ने पक्ष रखा। तरुण महतो वर्ष 2024 के चुनाव में ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र से जेएलकेएम के प्रत्याशी रह चुके हैं।

आरोप है कि 19 नवंबर 2025 की रात ईचागढ़ पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था, जहां उन्हें 'थर्ड डिग्री टॉर्चर' दिया गया।

इस घटना को लेकर तरुण महतो की पत्नी ने हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई थी, जिसे अदालत ने जनहित याचिका के रूप में स्वीकार करते हुए स्वतः संज्ञान लिया।

पूर्व की सुनवाई में कोर्ट ने सरायकेला एसपी को व्यक्तिगत रूप से दस्तावेजों के साथ पेश होने का आदेश भी दिया था। अब इस मामले की अगली सुनवाई 18 जून को निर्धारित की गई है।

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