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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · शाम 5:55 · नई दिल्ली संस्करण

झाबुआ: भील प्रदेश बनना असंभव है, पर यदि बने तो अच्छा: कांतिलाल भूरिया

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन

झाबुआ: भील प्रदेश बनना असंभव है, पर यदि बने तो अच्छा: कांतिलाल भूरियाझाबुआ, 23 फ़रवरी (हि.स.)। भील प्रदेश की मांग को लेकर झाबुआ विधायक कांतिलाल भूरिया ने कहा कि यह असंभव है, किन्तु यदि बने तो अच्छा है। झाबुआ में एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस विधायक ने कहा कि आज के वक्त में अन्य प्रदेशों के हिस्सों को तोड़कर एक नया प्रदेश बनाना बड़ा मुश्किल है, किन्तु यदि ऐसा होता है तो यह आदिवासियों के हित में होगा।इस मांग के सन्दर्भ में एक तरफ जहां भूरिया ने कहा कि हम तो पहले से ही इस बात को कहते आए हैं, पर कोई सरकार सुनने के लिए तैयार ही नहीं है, वहीं दूसरी तरफ उन्होंने यह भी कहा कि यह हिम्मत का काम है, किन्तु भारतीय जनता पार्टी भाजपा में यह हिम्मत नहीं है। भूरिया बोले नया प्रदेश बनाए जाने हेतु धन की जरूरत होती है, इसके लिए बड़ी एक्सरसाइज करना पड़ेगी, ओर सब लोगों को विश्वास में लेना पड़ेगा।जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन (जयस) के संरक्षक और विधायक डॉ. हीरालाल अलावा द्वारा भील प्रदेश बनाए जाने की मांग के बाद कांतिलाल भूरिया ने इस मांग को आदिवासियों के लिए अच्छा बताया, उन्होंने इसका फायदा गिनाते हुए कहा कि नया भील प्रदेश बनने पर उसका बजट भी अलग से आएगा, ओर उसका सीधा फायदा आदिवासियों को मिलेगा।आगामी विधानसभा चुनावों में आदिवासी मतों को अपने पक्ष में करने ओर लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से विभिन्न दलों के आदिवासी नेताओं द्वारा इस तरह की बयानबाजी एक बार फिर से शुरू कर दी गई है। भील प्रदेश की मांग भी उसी का हिस्सा है।

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