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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 7:37 · नई दिल्ली संस्करण

टाटा स्टील और यूएसटीबी के बीच समझौता, लो-कार्बन स्टील तकनीक पर होगा संयुक्त शोध

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन
टाटा स्टील और यूएसटीबी के बीच समझौता, लो-कार्बन स्टील तकनीक पर होगा संयुक्त शोध

पूर्वी सिंहभूम। टाटा स्टील ने सतत और पर्यावरण अनुकूल स्टील उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी बीजिंग (यूएसटीबी) के साथ लो-कार्बन स्टील मेकिंग तकनीकों के विकास के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।इस समझौते में टाटा स्टील की ओर से वाइस प्रेसिडेंट सुबोध पांडेय और यूएसटीबी की ओर से वाइस प्रेसिडेंट प्रोफेसर शुकियांग जियाओ की अहम भूमिका रही। कंपनी की ओर से मंगलवार को दी गई जानकारी के अनुसार, इस साझेदारी के तहत टाटा स्टील, टाटा स्टील रिसर्च एंड इनोवेशन लिमिटेड और यूएसटीबी की शोध टीमें मिलकर चार प्रमुख क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान करेंगी।इन क्षेत्रों में स्क्रैप आधारित स्टील निर्माण, स्टील अपशिष्ट का पुनः उपयोग, अंतिम उत्पाद की गुणवत्ता में सुधार और कार्बन कैप्चर एवं उपयोग से जुड़ी आधुनिक तकनीकों का विकास शामिल है।यह सहयोग यूएसटीबी की शैक्षणिक विशेषज्ञता और उसकी पायलट स्तर की अत्याधुनिक सुविधाओं का लाभ उठाएगा, जिससे नई तकनीकों का परीक्षण और उन्हें औद्योगिक स्तर तक लागू करना आसान होगा।टाटा स्टील के लिए यह पहल नवाचार आधारित कार्बन उत्सर्जन में कमी (डीकार्बोनाइजेशन) की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जो भविष्य में हरित और टिकाऊ स्टील उत्पादन को बढ़ावा देगी।

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