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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 7:05 · नई दिल्ली संस्करण

श्रम संहिताओं के विरोध में 12 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
श्रम संहिताओं के विरोध में 12 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल

पूर्वी सिंहभूम। चार श्रम संहिताओं के खिलाफ केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर 12 फरवरी 2026 को प्रस्तावित देशव्यापी आम हड़ताल में बिहार–झारखंड सहित पूरे देश के मेडिकल एवं सेल्स प्रतिनिधि सक्रिय भागीदारी करेंगे। यह जानकारी बिहार झारखंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स यूनियन (बीएसएसआर) तथा फेडरेशन ऑफ मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स एसोसिएशंस ऑफ इंडिया (एफएमआरएआई) के सेक्रेट्री पी. आर. गुप्ता ने दी। इसको लेकर मंगलवार को उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा गया।पी. आर. गुप्ता ने बताया कि 9 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और औद्योगिक महासंघों के राष्ट्रीय सम्मेलन में सर्वसम्मति से 12 फरवरी को एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल का निर्णय लिया गया।उन्होंने कहा कि इन श्रम संहिताओं के जरिए 13 पुराने श्रम कानूनों को खत्म कर दिया गया है और जानबूझकर पेशा-विशेष से जुड़े नियम नहीं बनाए गए, जिससे नियोक्ताओं को श्रमिकों के शोषण का खुला अवसर मिल सके। इससे सेल्स प्रमोशन कर्मचारियों के अधिकारों पर सीधा हमला हुआ है। पी. आर. गुप्ता ने स्पष्ट किया कि सेल्स प्रमोशन एम्प्लॉइज (कंडीशन ऑफ सर्विस) एक्ट 1976 की सुरक्षा को कमजोर करने की किसी भी कोशिश को एफएमआरएआई बर्दाश्त नहीं करेगी।उन्होंने यह भी कहा कि हड़ताल के दिन किसी भी प्रकार की सेल्स मीटिंग, कॉन्फ्रेंस, जॉइंट फील्ड वर्क, वर्चुअल मीटिंग या यात्रा कार्यक्रम निर्धारित न किए जाएं और कंपनियां रिपोर्टिंग सिस्टम में “स्ट्राइक” रिपोर्ट करने का विकल्प उपलब्ध कराएं, ताकि कर्मचारी अपने लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों का प्रयोग कर सकें।इस आंदोलन को सफल बनाने के लिए एफएमआरएआई के महासचिव पार्थे रक्षित, बीएसएसआर यूनियन के राज्य पदाधिकारी, सीटू के नेता, एफएमआरएआई जमशेदपुर यूनिट के पदाधिकारी तथा विभिन्न दवा कंपनियों के मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव्स संयुक्त रूप से प्रचार अभियान चला रहे हैं।पी. आर. गुप्ता ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने श्रमिकों की मांगों की अनदेखी जारी रखी, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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