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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 7:06 · नई दिल्ली संस्करण

टाटा स्टील में नौकरी का झांसा देकर लाखों की ठगी, 674 लोग बने शिकार

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
टाटा स्टील में नौकरी का झांसा देकर लाखों की ठगी, 674 लोग बने शिकार

पश्चिमी सिंहभूम। टाटा स्टील में नौकरी दिलाने का सपना दिखाकर सैकड़ों युवाओं से लाखों रुपये की ठगी का गंभीर मामला मंगलवार को सामने आया है। आरोपित युवक ने खुद को टाटा स्टील का अधिकृत वेंडर बताकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के नाम पर पैसे वसूले और बाद में फरार हो गया, जिससे पीड़ितों में आक्रोश और चिंता का माहौल है।जानकारी के अनुसार, सूर्य प्रताप सिंह नामक युवक ने खुद को टाटा स्टील का आरबीसीबीडी वेंडर बताते हुए लोगों से संपर्क किया और नौकरी के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने की बात कही। उसने प्रति व्यक्ति 1075 रुपये रजिस्ट्रेशन शुल्क तय किया और भुगतान के लिए ज्योति कुमार के नाम से जारी एक क्यूआर कोड उपलब्ध कराया। इसी क्यूआर कोड के माध्यम से कुल 674 लोगों से पैसे ट्रांसफर कराए गए। इस तरह करीब 7 लाख 24 हजार रुपये की राशि ठगी का शिकार हो गई।मामले की शिकायत मझगांव थाना क्षेत्र के खड़पोस गांव निवासी नरेश दास ने पुलिस अधीक्षक अमित रेणु से की है। नरेश दास के अनुसार, उन्होंने स्वयं लगभग 250 लोगों का रजिस्ट्रेशन कराया था। उनके अलावा भवानी शंकर पान, लाल सिंह सिंकु, महेश दास, राजू सोरेन, दोमन मुर्मु और भगवान तापे ने भी कई लोगों का रजिस्ट्रेशन कराया, जो बाद में ठगी का शिकार हुए।पीड़ितों को 4 दिसंबर को टाटा स्टील परिसर बुलाया गया था, जिससे उन्हें नौकरी मिलने का भरोसा और पुख्ता हो गया। लेकिन उसी दिन सूर्य प्रताप सिंह का मोबाइल फोन बंद हो गया और वह अचानक गायब हो गया। इसके बाद लोगों को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ।इस संबंध में पुलिस अधीक्षक अमित रेणु ने बताया कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि नौकरी दिलाने के नाम पर किसी को भी पैसे न दें और किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते ऐसे ठगों पर कार्रवाई की जा सके।

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