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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 10:41 · नई दिल्ली संस्करण

वन विभाग ने सेंदरा वीरों के साथ की बैठक

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
वन विभाग ने सेंदरा वीरों के साथ की बैठक

पूर्वी सिंहभूम। परसुडीह के गदड़ा क्षेत्र में सोमवार को सेंदरा पर्व को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।इस दौरान वन विभाग ने वन्यजीवों के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शिकार पर पूरी तरह रोक लगाने की अपील की। यह बैठक दलमा राजा राकेश हेंब्रम के आवास पर हुई, जहां वन विभाग के अधिकारियों और दलमा बुरू सेंदरा समिति के सदस्यों के बीच विस्तार से चर्चा हुई।बैठक में वन विभाग के रेंजर दिनेश चंद्र ने कहा कि सेंदरा आदिवासी समाज की आस्था और परंपरा से जुड़ा पर्व है, लेकिन इस दौरान जंगली जानवरों का शिकार करना कानूनन अपराध है।उन्होंने समाज के लोगों से आग्रह किया कि वे अपनी परंपरा का पालन करें, लेकिन किसी भी स्थिति में वन्यजीवों को नुकसान न पहुंचाएं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जंगल में प्रवेश के दौरान आधुनिक हथियार, जाल या बंदूक का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा और इस पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।वन विभाग ने संकेत दिया कि सेंदरा पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग का मुख्य उद्देश्य दलमा के जंगलों में रहने वाले वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, ताकि क्षेत्र की जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन बना रहे।वहीं, दलमा राजा राकेश हेंब्रम ने वन विभाग से अपील की कि पर्व में शामिल होने वाले लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। उन्होंने कहा कि सेंदरा में भाग लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग विभिन्न क्षेत्रों से दलमा पहुंचते हैं, इसलिए चेकनाका पर उन्हें रोका न जाए और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि परंपरा के अनुसार लोग जंगल अवश्य जाएंगे।बैठक में दोनों पक्षों के बीच समन्वय बनाकर सेंदरा पर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने पर सहमति बनी। वन विभाग ने स्पष्ट किया कि परंपराओं का सम्मान किया जाएगा, लेकिन वन्यजीवों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।बताया गया कि इस वर्ष सेंदरा पर्व 27 अप्रैल को दलमा क्षेत्र में मनाया जाएगा। इससे पहले 25 अप्रैल को दलमा राजा गदड़ा से रवाना होंगे और फदलोगोड़ा में श्रद्धालु एकत्रित होकर वन देवी-देवताओं की पूजा करेंगे। पूजा के दौरान सेंदरा के आयोजन की अनुमति मांगी जाएगी और सभी सेंदरा वीरों के सकुशल लौटने की कामना की जाएगी।

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