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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:23 · नई दिल्ली संस्करण

जेबीकेएसएस ने राज्य सरकार पर साधा जमकर निशाना

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

रांची, । झारखंडी भाषा खतियान संघर्ष समिति (जेबीकेएसएस) के

अध्यक्ष जयराम महतो ने राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने पिछले

दिनों हुए नियुक्ति पर सरकार पर सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा है कि हमारे

लोग राज्य के बाहर काम कर रहे हैं और वहां से लोगों का पार्थिव शरीर आ

रहा, लेकिन हमारे राज्य में ही बाहर के लोगों को नियुक्तियां दी जा रही है।

क्या इस दिन के लिए निर्मल महतो ने अपने सीने पर गोली खाई थी। क्या इसी

दिन के लिए झारखंड को अलग राज्य बनाया गया था।

पिछले दो माह से 16

से अधिक मजदूरों का शव पहुंचा है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर

आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आखिर आदिवासी का बेटा कहकर

कब तक बचेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का गोला, दुमका और

नेमरा जैसे कई जगहों पर उनकी जमीन है वह जमीन आदिवासियों को वापस करें।

महतो

ने गुरुवार को रांची प्रेस क्लब में संवाददाता सम्मेलन में बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि मिनिरल्स झारखंड का लेकिन इसपर राज कोई और कर रहा है।

दूसरे राज्य में झारखंड के मजदूर जा कर ज़िंदगी दाव पर लगा रहे है। लेकिन

झारखंड में जब रोजगार की बात आती है तो यहां बाहर के लोगों को भर्ती की

जाती है। जबकि दूसरे राज्य में ऐसा नहीं है। यहां के पढ़ें लिखे लोग प्लांट

में जा कर मजदूरी करने को मजबूर है।

जयराम ने सरकार से सवाल पूछा

कि झारखंड के अलग राज्य की परिकल्पना इसी लिए की गई थी। जब राज्य अलग हुआ

था तो एक उम्मीद यहां के लोगों में थी कि अब अपना राज्य मिल गया। सभी

झारखंडी खुशी से रहेंगे। रोजगार के अवसर खुलेंगे। लेकिन राज्य अलग होने के

बाद भी दूसरे राज्य के नीचे लोग दबे हुए है। अपने राज्य को छोड़ कर बाहर जा

रहे है। समय रहते झारखंड को बचाने की जरूरत है। जिससे आने वाली पीढ़ी

सुरक्षित रह सके।

उन्होंने एक सवाल आपकों विदेशी फंड आ रहा है, इस

बात पर उन्होंने कहा कि मेरा पासबुक और बैंक डिटेल लेकर आप लोग देख सकते

है। उन्होंने विधायक सरयू राय के साथ विधानसभा चुनाव लड़ने से इंकार किया।

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