हिसार: बढ़ते तापमान का एक ही हल, ज्यादा से ज्यादा पौधारोपण ही समाधान : वंदना बिश्नोई
हिसार,। नजदीकी गांव मंगाली में जाम्भाणी साहित्य अकादमी के
तत्वाधान में गुरुवार को पांच दिवसीय जाम्भाणी संस्कार शिविर का समापन हो
गया। श्री गुरु जंभेश्वर भगवान के मंदिर में हुए इस आयोजन के शुभारंभ अवसर
पर शिविर का शुभारंभ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडलिस्ट सुश्री किरण
बिश्नोई और पृथ्वी गिला ने पौधा लगाकर किया। शिविर में लगभग 100 बच्चों ने
भाग लिया।
प्रथम दिवस डॉ. माया जौहर ने गुरु जांभोजी के
जीवन दर्शन के बारे में जानकारी दी, जबकि हेडमास्टर धनीराम शर्मा ने आदर्श
दिनचर्या के महत्व पर प्रकाश डाला। हेड मास्टर हरीश शर्मा ने कैरियर एवं
मार्गदर्शन के बारे में बताया और अमरदीप सीगड़ ने बिश्नोई धर्म के 29 नियमों
के बारे में बच्चों को अवगत कराया। द्वितीय दिवस पर बिश्नोई समाज की
बलिदान परंपरा और गुरु जांभोजी के प्रमुख धाम साथरियों के बारे में जानकारी
दी गई। तृतीय दिवस पर डॉ. कृपाराम ने समाज में शिक्षा की आवश्यकता पर
जागरूक किया और करतार घायल ने नशे के दुष्परिणाम और उससे बचाव के उपायों पर
चर्चा की।
उन्होंने बिश्नोई सभा मंगाली की पूरी कार्यकारिणी को इस
शिविर के आयोजन के लिए धन्यवाद दिया। डॉ. सुरेंद्र खीचड़ ने बिश्नोई जीवन
शैली, डॉ. कृष्ण जौहर ने शैक्षिक मार्गदर्शन, और किरण घायल ने नैतिक शिक्षा
के बारे में बच्चों को बताया। रामकुमार भादू कंप्यूटर ने शब्दवाणी के बारे
में विस्तार से बतलाया, सहदेव कालीराना, प्रधान सेवक दल हिसार ने सामाजिक
संस्थाओं की जानकारी दी। सुनील माकड़ एवं नवीन शर्मा ने बच्चों को योग
सिखाया वह करवाया। बच्चों की प्रायोगिक परीक्षा ली गई। समापन समारोह में
प्रायोगिक परीक्षा, भाषण प्रतियोगिता, ड्राइंग प्रतियोगिता, गायन
प्रतियोगिता और निबंध लेखन प्रतियोगिता में विजयी बच्चों को सम्मानित किया
गया।
कार्यक्रम के संयोजक अनिल भाम्भू ने बिश्नोई सभा मंगाली के
प्रधान साहब राम पूनिया, उप प्रधान विनोद डेलू, राजेंद्र धायल कैशियर,
भागराम पूनिया सचिव तथा उनकी कार्यकारिणी का बहुत ही अच्छा प्रबंध करने पर
धन्यवाद किया। कार्यक्रम में बलराज धायल सरपंच, बदरी धायल, रोहताश गोदारा
आदि काफी ग्रामीण उपस्थित थे।





