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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:22 · नई दिल्ली संस्करण

फतेहाबाद : पार्कों के रखरखाव में अनियमितता का आरोप, जांच की मांग

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
फतेहाबाद : पार्कों के रखरखाव में अनियमितता का आरोप, जांच की मांग

फतेहाबाद। नगरपरिषद द्वारा शहर के पार्कों के रखरखाव के लिए विभिन्न सामाजिक संस्थाओं को गोद दिया गया है। सोमवार को इसकी सूची जारी होते ही विवाद खड़ा हो गया। शहर के पार्कों को सामाजिक संस्थाओं को गोद देने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। सोशल एंड आरटीआई एक्टिविस्ट राधेश्याम सोनी ने कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद फतेहाबाद को पत्र लिखकर मांग की है कि पूर्व में पार्कों के रखरखाव के नाम पर दी गई राशि की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए।

अपने पत्र में उन्होंने आरोप लगाया है कि नगर परिषद द्वारा कुछ संस्थाओं को प्रतिमाह लगभग एक लाख रुपये तक की राशि पार्कों के रखरखाव के लिए दी जाती रही, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्य अत्यंत सीमित दिखाई देता है। सूत्रों के अनुसार कई स्थानों पर केवल एक माली के माध्यम से ही पूरा काम चलाया गया, जबकि पौधारोपण, खाद डालने, नियमित सिंचाई, सफाई और सौंदर्यीकरण जैसे कार्य अपेक्षित स्तर पर नहीं हुए। पत्र में यह भी मांग की गई है कि पूरे मामले की जांच सीएम फ्लाइंग, सीआईडी या एंटी करप्शन ब्यूरो जैसी स्वतंत्र एजेंसियों से करवाई जाए, ताकि यदि किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता सामने आती है, तो जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

राधेश्याम सोनी ने जांच के लिए कई बिंदु उठाए हैं, जिनमें प्रमुख हैं कि प्रत्येक पार्क में कितने माली नियुक्त किए गए और उनकी उपस्थिति का रिकॉर्ड क्या है। कितने पौधे लगाए गए और उनका प्रजाति-वार विवरण क्या है। क्या पौधों में नियमित रूप से खाद/उर्वरक डाले गए। संबंधित संस्थाओं को अब तक कुल कितनी राशि जारी की गई और धरातल पर कितना कार्य हुआ। उनकी मांग है कि इन कार्यों का भौतिक सत्यापन कर स्वतंत्र एजेंसी से ऑडिट कराया जाए। इसके अलावा मांग की गई है कि जब तक पूर्व में खर्च की गई राशि का पूर्ण लेखा-जोखा और भौतिक सत्यापन नहीं हो जाता, तब तक नई संस्थाओं को पार्क गोद देने की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। अब देखना होगा कि नगर परिषद फतेहाबाद प्रशासन इस मांग पर क्या कदम उठाता है और क्या वास्तव में मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाती है।

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