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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:47 · नई दिल्ली संस्करण

ईरान का कड़ा एक्शन: मोसाद के लिए जासूसी करने वाले हुसैन पेदारन को दी गई फांसी

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
ईरान का कड़ा एक्शन: मोसाद के लिए जासूसी करने वाले हुसैन पेदारन को दी गई फांसी

ईरान की न्यायपालिका ने सुरक्षा से जुड़े एक बड़े मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए इस्रायली खुफिया एजेंसी 'मोसाद' के लिए जासूसी करने के दोषी पाए गए एक व्यक्ति को फांसी दे दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस व्यक्ति पर ईरान के संवेदनशील सैन्य ठिकानों और मिसाइल साइट्स की खूफिया जानकारियां इस्राइल को लीक करने का गंभीर आरोप था। ईरान की आधिकारिक न्यायपालिका द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, दोषी ठहराए गए व्यक्ति की पहचान हुसैन पेदारन (Hossein Pedaran) के रूप में हुई है। उस पर आरोप था कि उसने वित्तीय लाभ और अन्य कारणों से मोसाद के अधिकारियों से संपर्क साधा था।

इसके बाद उसने देश के सामरिक रूप से महत्वपूर्ण हिस्सों, विशेषकर इस्फहान (Isfahan) प्रांत में स्थित सैन्य ठिकानों, मिसाइल लॉन्च पॉइंट और वहां तैनात कर्मियों से जुड़ी बेहद गोपनीय जानकारियां इस्रायली खुफिया एजेंसी को पहुंचाई थीं। जांच के दौरान उसके घर से एक ऐसी नोटबुक भी बरामद की गई थी, जिसमें कई 'टॉप सीक्रेट' जानकारियां दर्ज थीं। ईरानी अधिकारियों का दावा है कि उसके द्वारा लीक की गई ये जानकारियां देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा थीं और इनका इस्तेमाल सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के लिए किया जा सकता था। निचली अदालत द्वारा सुनाई गई मौत की सजा को बाद में ईरान के सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा, जिसके बाद इस फैसले पर अमल किया गया।

ईरान में इस तरह के मामलों में सुरक्षा एजेंसियों और न्यायपालिका का रुख बेहद सख्त रहा है। मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव और इस्राइल के साथ तीखे संघर्ष के बीच ईरान द्वारा जासूसी के आरोपों में सजा देने का यह कोई पहला मामला नहीं है, बल्कि पिछले कुछ महीनों में ऐसे कई मामलों में सख्त कदम उठाए गए हैं। इस घटना ने एक बार फिर दोनों कट्टर प्रतिद्वंद्वी देशों (ईरान और इस्राइल) के बीच चल रहे गुप्त खुफिया युद्ध और सुरक्षा एजेंसियों की सरगर्मी को वैश्विक स्तर पर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

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