ईरान पर अमेरिका का बड़ा प्रहार: 27 एयरलाइंस पर प्रतिबंध, SDN सूची में शामिल

अमेरिका के वित्त विभाग ने ईरान की 27 एयरलाइंस को अपनी स्पेशली डिजाइनेटेड नेशनल्स (एसडीएन) सूची में शामिल कर लिया है। इस कदम के साथ अमेरिका ने ईरान पर दबाव बढ़ाने की कोशिश करते हुए उसकी बची हुई सभी एयरलाइंस को निशाने पर ले लिया है। अमेरिकी वित्त विभाग ने कहा कि ईरान की वाणिज्यिक एयरलाइंस लंबे समय से ईरानी सरकार की अस्थिरता पैदा करने वाली गतिविधियों का समर्थन करती रही हैं। विभाग के मुताबिक आईआरजीसी कथित तौर पर निजी एयरलाइंस का इस्तेमाल हथियारों की खरीद और ढुलाई और अपने कर्मियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए करता रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका ने पहली बार अक्टूबर 2011 में ईरान की एयरलाइन महान एयर पर प्रतिबंध लगाए थे। इसके बाद 30 जुलाई को उसने कई कंपनियों को भी निशाना बनाया जिन्हें महान एयर के जनरल सेल्स एजेंट के रूप में देखा जाता है। नए प्रतिबंध उन गुप्त फ्रंट कंपनियों, विदेशी बिचौलियों और भ्रामक ट्रांजिट मार्गों को भी निशाना बनाते हैं, जिनका इस्तेमाल ईरान अमेरिकी मूल के विमान और संवेदनशील तकनीक हासिल करने के लिए करता है। खास तौर पर वित्त विभाग के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल ने तुर्किये, मलेशिया और कजाकिस्तान की चार कंपनियों को प्रतिबंधित किया है। अमेरिका का आरोप है कि ये कंपनियां महान एयर को कार्गो सेवाएं और बिक्री से जुड़ी सहायता प्रदान कर रही थीं।
ओएफएसी ने उन अनुमतियों को भी निलंबित कर दिया है जिनके तहत विमान ईरान के ऊपर से उड़ान भर सकते थे और गैर-अमेरिकी एयरलाइंस अमेरिकी मूल या अमेरिकी नियंत्रण वाले वाणिज्यिक विमानों को ईरान ले जा सकती थीं। विज्ञप्ति के मुताबिक महान एयर को 2026 की गर्मियों में कम से कम तीन बी-777 विमान मिले थे, जिन्हें संयुक्त अरब अमीरात और ओमान के रास्ते भेजा गया था। इस बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा है कि उनका देश पूरी ताकत के साथ अपना प्रतिरोध जारी रखेगा, जब तक कि आक्रमण करने वालों को अपने कदमों पर पूरी तरह पछतावा न हो जाए।
एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने यह भी कहा कि ईरान हमेशा युद्ध के खिलाफ रहा है। पेजेश्कियन ने कहा कि हमारा मानना है कि लोगों के हितों की रक्षा और पश्चिम एशिया क्षेत्र की सुरक्षा बनाए रखने का रास्ता युद्ध भड़काने से बचने में है। उन्होंने आगे कहा कि जिस तरह ईरान ने अब तक साहस के साथ हर आक्रमण का मुकाबला किया है, उसी तरह वह आगे भी पूरी ताकत के साथ अपना प्रतिरोध जारी रखेगा। ईरान अपने लोगों के अधिकारों की रक्षा करता रहेगा।





