मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:18 · नई दिल्ली संस्करण

फतेहाबाद : आईओसीएल पानीपत रिफाइनरी के मजदूरों के समर्थन में जनसंगठनों ने जताया रोष, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
फतेहाबाद : आईओसीएल पानीपत रिफाइनरी के मजदूरों के समर्थन में जनसंगठनों ने जताया रोष, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

फतेहाबाद। आईओसीएल पानीपत रिफाइनरी के आंदोलनरत मजदूरों की मांगों के समर्थन में फतेहाबाद में सर्व कर्मचारी संघ, सीआईटीयू, किसान सभा, आल इंडिया लायर्ज बार एसोसिएशन सहित विभिन्न जन संगठनों ने डीसी कार्यालय पर रोष जताया। सोमवार को मजदूरों के शोषण के खिलाफ रोष जताते हुए जनसंगठनों ने सीटीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम मांग पत्र सौंपकर आंदोलनरत मजदूरों की समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की। ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान सुरजीत दुसाद, सचिव रामनिवास शर्मा, ब्लॉक कैशियर प्रैमचन्द वर्मा, सीटू नेता बेगराज, ओमप्रकाश अनेजा, मदन सिंह, किसान सभा से जगतार सिंह, सचिव राजेन्द्र कुमार बाटू, छत्रपाल सिंह, आल इंडिया लॉयर्ज एसोसिएशन से देवीलाल एडवोकेट, शाहनवाज एडवोकेट, मलकीत सिंह एडवोकेट, डीवाईएफआई के जिला प्रधान पवन कुमार भूथन के नेतृत्व में सौंपा गया। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब मजदूरों ने अपनी जायज मांगों के लिए आवाज उठाई, तो प्रबंधन और ठेकेदारों ने बातचीत के बजाय आंदोलन को कुचलने का प्रयास किया। सुरजीत सिंह व ओमप्रकाश अनेजा ने कहा कि पानीपत रिफाइनरी के विस्तार कार्य में लगे लगभग 30 हजार ठेका मजदूरों की स्थिति दयनीय बनी हुई है। ये मजदूर बीते 23 फरवरी से अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। संगठन नेताओं ने आरोप लगाया कि रिफाइनरी प्रबंधन और ठेका कंपनियां मौजूदा श्रम कानूनों का खुलेआम उल्लंघन कर रही हैं। कार्यस्थल पर शौचालय, शुद्ध पेयजल और कैंटीन जैसी अनिवार्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। 8 घंटे की कानूनी शिफ्ट के बजाय अतिरिक्त काम लिया जा रहा है और ओवरटाइम का भुगतान भी नियमानुसार नहीं हो रहा है। वेतन भुगतान में देरी और पीएफ व ईएसआई जैसे लाभों में अनियमितता बरती जा रही है। जनसंगठनों ने मांग की है कि वेतन वृद्धि समेत सभी कानूनी मांगों का त्रिपक्षीय समझौते के जरिए निपटारा हो। मजदूरों और उनके समर्थकों के खिलाफ दर्ज एफआईआर तुरंत रद्द की जाए और गिरफ्तार लोगों को रिहा किया जाए। वेतन का भुगतान हर माह की 7 तारीख तक सीधे बैंक खाते में सुनिश्चित हो। श्रम कानूनों का उल्लंघन करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें