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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 7:34 · नई दिल्ली संस्करण

इंडस्ट्री एकेडेमिया कॉन्क्लेव उद्योग और शिक्षा के बीच एक सशक्त सेतु का कार्य करेगा : राज्यपाल

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
इंडस्ट्री एकेडेमिया कॉन्क्लेव उद्योग और शिक्षा के बीच एक सशक्त सेतु का कार्य करेगा : राज्यपाल

पूर्वी सिंहभूम। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने एनआईटी जमशेदपुर में शुक्रवार को आयोजित इंडस्ट्री एकेडेमिया कॉन्क्लेव 2024 में सभी को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं।मौके पर राज्यपाल ने कहा कि झारखंड की स्थापना केवल भौगोलिक सीमाओं का गठन नहीं था, बल्कि एक आत्मनिर्भर और प्रगतिशील राज्य की परिकल्पना है। इस अवसर पर उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महानायक धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के योगदान का उल्लेख करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुण्डा ने अपने अल्प जीवनकाल में राष्ट्र व समाज के लिए अद्वितीय संघर्ष और बलिदान का परिचय दिया। उनके नेतृत्व एवं संघर्ष ने समाज को एक नई दिशा दी। राज्यपाल ने भगवान बिरसा मुंडा के संघर्ष और बलिदान को प्रेरणास्रोत बताते हुए झारखंड के विकास में प्रत्येक नागरिक से योगदान देने का आह्वान किया।राज्यपाल ने कहा कि इंडस्ट्री एकेडेमिया कॉन्क्लेव 2024 के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह आयोजन उद्योग और शिक्षा के बीच एक सशक्त सेतु का कार्य करेगा, जिससे हमारे समाज और देश के भविष्य को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रसन्न्ता है कि एनआईटी जमशेदपुर तकनीकी शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में एक विशिष्ट पहचान रखता है।उन्होंने कहा कि ऐसे कॉन्क्लेव के आयोजन का मुख्य उद्देश्य उद्योग और शिक्षा के बीच संबंधों को मजबूत करना है, जिससे नवाचार, उद्यमिता और रोजगार के नए अवसरों का सृजन हो सके। राज्यपाल ने उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप शैक्षणिक कार्यक्रमों के विकास पर जोर देते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों में व्यावहारिक कौशल का विकास होगा, जो उन्हें वास्तविक जीवन की चुनौतियों का सामना करने में सहायक होगा।राज्यपाल ने नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने पर विशेष बल दिया और आयोजकों से आग्रह किया कि वे सफलता की कहानियाँज साझा करें ताकि भारत में स्टार्टअप क्रांति को और अधिक गति मिल सके। उन्होंने कहा कि 'विकसित भारत 2047 का सपना तभी साकार होगा जब हमारे शिक्षण संस्थान और विद्यार्थी इसमें पूर्ण निष्ठा से योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि आशा है कि यह आयोजन सार्थक संवाद, मूल्यवान दृष्टिकोण और उपयोगी साझेदारी का मार्ग प्रशस्त करेगा। राज्यपाल ने वहां विभिन्न संस्थानों द्वारा लगे स्टॉलों का अवलोकन किया।

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