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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:01 · नई दिल्ली संस्करण

ऐसे में कैसे बनेगा छात्रों का भविष्य, 12 में नौ शिक्षकों का बिना प्रतिस्थानी के हो गया स्थानांतरण

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन

गोपेश्वर,। जहां एक ओर सरकार नई शिक्षा नीति से छात्रों के भविष्य

को संवारने का दावा कर रही है वहीं दूसरी ओर विद्यालयों को शिक्षक विहीन कर

छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। इससे विद्यालय में अध्ययनरत

छात्रों के अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित नजर आ रहे है।

चमोली जिले विकास खण्ड नारायण बगड़ के राजकीय इंटर कालेज गडकोट जो कि सरकार

की ओर से अटल उत्कृष्ट विद्यालय बनाया गया है, वहां से वर्तमान में 12

शिक्षकों में से बिना प्रतिस्थानी के नौ शिक्षकों का तबादला कर दिया गया

है। इसको लेकर अभिभावकों में तीखा रोष है।

अभिभावक संघ की ओर से

मंगलवार को मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भेजकर उनके पाल्यों के

भविष्य को सुरक्षित करने की गुहार लगायी गई है। विद्यालय प्रबन्ध समिति

अध्यक्ष भरत सिंह नेगी ने बताया कि राइका गड़कोट आठ ग्राम पंचायतों का एक

मात्र विद्यालय है। इसमें वर्तमान में 160 छात्र/छात्रायें विज्ञान और कला

वर्ग में अध्यनरत हैं। जहां पर पूर्व में विभिन्न विषयों के तहत 12 अध्यापक

तैनात थे लेकिन वर्तमान में एक साथ नौ अध्यापकों का स्थान्तरण होने से

विद्यालय शिक्षक विहीन हो गया है। इसकी वजह से छात्रों का भविष्य अंधकारमय

नजर आ रहा है।

अभिभावकों ने बताया कि इस सम्बन्ध में मुख्यमंत्री

को ज्ञापन प्रेषित कर छात्र हित को ध्यान में रखते हुऐ रिक्त पदों पर बिना

प्रतिस्थानी अथवा नियुक्ति के इन स्थानांतरणों पर रोक लगायी जाए ताकि

छा़त्रों के पठन पाठन में व्यवधान न हो। नई नियुक्ति ना होने तक

स्थानान्तरण आदेशों पर रोक लगाई जाने की मांग की गई है ताकि छात्रों का पठन

पाठन प्रभावित ना हो।

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