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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:20 · नई दिल्ली संस्करण

आईएमए पासिंग आउट परेड: 481 जेंटलमैन कैडेट बने भारतीय सेना के अंग, राष्ट्रपति ने परेड की सलामी ली

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
आईएमए पासिंग आउट परेड: 481 जेंटलमैन कैडेट बने भारतीय सेना के अंग, राष्ट्रपति ने परेड की सलामी ली

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने की समीक्षा, सैन्य क्षमता और रक्षा कूटनीति का दिखा संगम

देहरादून : भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए), देहरादून में शनिवार को चेटवुड ड्रिल स्क्वायर पर आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड (पीओपी) समारोह में 481 जेंटलमैन कैडेट कठिन प्रशिक्षण पूरा कर भारतीय सेना के अंग बन गए हैं। इसके साथ ही 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट भी पास आउट हुए। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने परेड की सलामी ली और प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स को सम्मानित किया।

सैन्य बैंड की गूंज, अनुशासित कदमताल और पारंपरिक 'अंतिम पग' समारोह ने पूरे वातावरण को भावनात्मक और गौरवपूर्ण बना दिया। कठिन सैन्य प्रशिक्षण यात्रा पूरी कर अधिकारियों के रूप में निकलते ही युवा कैडेट्स का उत्साह और आत्मविश्वास देश की शान को बढ़ा रहा था। इस मौके पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित बड़ी संख्या में उपस्थित अभिभावकों और अतिथियों ने इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनकर अपने गौरव की अनुभूति साझा की।

पासिंग आउट कैडेटों में 481 भारतीय जेंटलमैन कैडेट और 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट शामिल रहे। 'अंतिम पग' के साथ 481 युवा सैन्य अधिकारियों ने राष्ट्र सेवा की शपथ को नई ऊर्जा दी। भारतीय सेना को जहां युवा नेतृत्व की नई खेप मिली, वहीं 34 विदेशी कैडेट अपने साथ भारतीय सैन्य प्रशिक्षण की उत्कृष्ट परंपरा और पेशेवर दक्षता का संदेश लेकर अपने देशों को लौटेंगे। यह आयोजन भारत की सैन्य विरासत, नेतृत्व क्षमता और वैश्विक रक्षा साझेदारी का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया।

परेड के समापन के साथ भारतीय कैडेट भारतीय सेना के अधिकारी बने, जबकि विदेशी कैडेट अपने-अपने देशों की सेनाओं में सेवा देने के लिए रवाना होंगे। आईएमए से प्रशिक्षित अधिकारी विश्व के अनेक देशों की सेनाओं में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, जिससे यह संस्थान अंतरराष्ट्रीय सैन्य नेतृत्व निर्माण के प्रमुख केंद्रों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए हैं।

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